राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार अपने आय-व्यय और फंड का लेखा-जोखा जारी किया है। सामने आए आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में मंदिर को 250 करोड़ रुपये से ज्यादा का दान मिला। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में राम मंदिर ट्रस्ट की आय 250.04 करोड़ के करीब रही। वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कमाई का सबसे बड़ा जरिया अब लोगों का दान नहीं, बल्कि निवेश पर मिलने वाला ब्याज बन गया है।
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के ट्रस्ट के बिना ऑडिट किए गए खातों के मुताबिक, निवेश पर ट्रस्ट को 151.80 करोड़ रुपये का ब्याज मिला। वहीं, श्रद्धालुओं से स्वैच्छिक दान के रूप में 149.36 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इन आंकड़ों से साफ है कि ट्रस्ट को अब अपने निवेश से मिलने वाली कमाई, नए दान से भी अधिक हो गई है।
राम मंदिर के पास कितना सोना, चांदी और रुपये?
ट्रस्ट के खातों के अनुसार, उसके पास कुल 1,876.30 करोड़ रुपये की राशि जमा है। इसमें से 1,771.22 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में निवेश किए गए हैं, जो कुल फंड का करीब 94 प्रतिशत है। इसके अलावा ट्रस्ट के पास 2.57 एकड़ जमीन, 323 किलोग्राम सोना, 751.98 किलोग्राम चांदी और वित्त वर्ष के अंत तक 7.74 लाख रुपये नकद भी मौजूद थे। यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब राम मंदिर में मिले दान में कथित गड़बड़ी की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है।
जांच के बीच बढ़ी जमा राशि
जांच कर रहे SIT के अधिकारियों ने पाया है कि अयोध्या के राम मंदिर में हर दिन मिलने वाले दान की रकम में काफी बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले की जांच शुरू होने के बाद देखने को मिली है। इसी वजह से जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि मामला सामने आने से पहले दान के रखरखाव और जमा करने की प्रक्रिया में कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई थी।
सूत्रों के मुताबिक, कथित चोरी का मामला सामने आने से पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खातों में हर दिन औसतन 16 से 18 लाख रुपये का दान जमा होता था। लेकिन एसआईटी की जांच शुरू होने के बाद यह राशि बढ़कर रोजाना करीब 24 से 26 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
रोजाना दान की रकम में 6 से 8 लाख रुपये की यह बढ़ोतरी अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गई है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या यह अंतर पहले दान में किसी तरह की गड़बड़ी या रकम के गलत इस्तेमाल का संकेत देता है। ट्रस्ट के खातों के अनुसार, वित्त वर्ष के दौरान उसे सभी स्रोतों से कुल 398.24 करोड़ रुपये की आय हुई। इसमें 149.36 करोड़ रुपये दान पेटियों, ऑनलाइन दान और श्रद्धालुओं के चढ़ावे से मिले। वहीं, निवेश पर मिले ब्याज से 151.80 करोड़ रुपये की कमाई हुई। इसके अलावा बाकी राशि अनुदान और अन्य स्रोतों से प्राप्त हुई।
जानें एक साल में कितनी हुई कमाई और कहां हुआ खर्च?
ट्रस्ट ने अपनी बड़ी राशि अलग-अलग बैंकों में निवेश कर रखी है। इसके तहत पंजाब नेशनल बैंक में 562.88 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा में 327.30 करोड़ रुपये और भारतीय स्टेट बैंक में 791.04 करोड़ रुपये जमा हैं। इसके अलावा 90.10 करोड़ रुपये म्यूचुअल फंड में निवेश किए गए हैं, जबकि 24.77 करोड़ रुपये बचत खातों में रखे गए हैं। ट्रस्ट का सबसे बड़ा खर्च राम मंदिर का निर्माण है। वित्त वर्ष 2025-26 में निर्माण कार्य पर कुल 237.54 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें मुख्य मंदिर के निर्माण पर 42.42 करोड़ रुपये, जमीन खरीदने पर 38.81 करोड़ रुपये, परिक्रमा मार्ग और अस्थायी ढांचों पर 21.52 करोड़ रुपये तथा मंदिर परिसर के अन्य विकास कार्यों पर भी बड़ी राशि खर्च की गई।
मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ-साथ ट्रस्ट का खर्च भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में मंदिर परिसर के रखरखाव पर कुल 91.76 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें सुरक्षा व्यवस्था पर 31.48 करोड़ रुपये, सफाई और स्वच्छता पर 17.49 करोड़ रुपये, बिजली पर 23.08 करोड़ रुपये और श्रद्धालुओं के लिए अन्न क्षेत्र चलाने पर 8.96 करोड़ रुपये खर्च हुए। ट्रस्ट ने मंदिर के आसपास अपनी जमीन भी बढ़ाई है। साल भर में 14 खरीद समझौतों और 8 दान पत्रों के माध्यम से आसपास की संपत्तियां खरीदी गईं। इन जमीनों की खरीद पर ट्रस्ट ने कुल 15.74 करोड़ रुपये खर्च किए।