Ram Temple Donation Theft: आज दोपहर 3 बजे राम मंदिर में क्या होने जा रहा, ट्रस्ट की मीटिंग में पहली बार होगा ऐसा, क्या होगा चंपत राय का?

Ayodhya Ram Mandir Chadawa Chori Case: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने आज (6 जुलाई) दोपहर 3:00 बजे ट्रस्टियों की बैठक बुलाई है। यह बैठक राम जन्मभूमि परिसर के अंदर बने गेस्ट हाउस में होगी। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी सदस्यों से बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया गया है

अपडेटेड Jul 06, 2026 पर 11:26 AM
Ram Mandir Chadawa Chori Case: अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर जारी विवाद के बीच आज ट्रस्ट की बड़ी बैठक होने वाली है

Ayodhya Ram Mandir Chadawa Chori Case: अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी को लेकर मचे घमासान से बीच श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक सोमवार (6 जुलाई) को ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मठ 'मणिराम छावनी' में होगी। यह बैठक चढ़ावे में कथित हेराफेरी मामले की जारी जांच के बीच हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा हो सकती है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने सभी नियमित और पदेन सदस्यों से चर्चा के लिए मौजूद रहने को कहा है।

सूत्रों ने बताया कि गोपाल दास बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास (89) को 29 जून को सांस लेने में तकलीफ और संक्रमण की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने शुक्रवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई।

नृत्य गोपाल दास मीटिंग में होंगे शामिल


अयोध्या में सूत्रों ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक मणिराम दास छावनी में हो रही है इसलिये नृत्य गोपाल दास के बैठक में शामिल होने की संभावना ज्यादा है क्योंकि यह स्थान दशकों से दास का घर रहा है। वहीं, उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण यात्रा करने में असमर्थ वरिष्ठ न्यासी के. परासरन वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में शामिल हो सकते हैं।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार

सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार कर सकता है, जिन्होंने चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अगर उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं, तो बैठक में ट्रस्ट के कामकाज के लिए नई प्रशासनिक व्यवस्था पर भी फैसला हो सकता है। विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की भूमिका पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

बैठक के दौरान कथित हेराफेरी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बारे में भी जानकारी दी जा सकती है। साथ ही राम मंदिर के भविष्य के मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा हो सकती है। सूत्रों ने बताया कि 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए बिना ऑडिट वाली आय-व्यय रिपोर्ट, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय डिटेल्स मंजूरी के लिए पेश किए जाएंगे।

अब कौन करेगा राम मंदिर की देखरेख?

सूत्रों ने कहा कि बैठक में राम मंदिर के प्रबंधन की देखरेख के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति पर भी चर्चा होने की संभावना है। ट्रस्ट में अभी 11 नियमित सदस्य हैं, जिनमें अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास, वासुदेवानंद सरस्वती, विश्वप्रसन्न तीर्थ, परमानंद गिरि, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, कृष्ण मोहन, दिनेन्द्र दास और के. परासरन शामिल हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा का निधन हो गया है।

सूत्रों ने बताया कि अभी ट्रस्ट में कोई उपाध्यक्ष नहीं है जो अध्यक्ष की अनुपस्थिति में बैठकों की अध्यक्षता कर सके। पदेन सदस्यों में केंद्र सरकार के सचिव प्रशांत लेखंडे, उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, अयोध्या के ज़िलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल हैं।

चंदा चोरी विवाद के बीच हो रही बैठक

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कथित गबन के मामले में दो समानांतर जांच चल रही हैं। जहां एक ओर एसआईटी प्रशासनिक जांच कर रही है और उसका कार्यकाल जुलाई के अंत तक बढ़ा दिया गया है। वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट की शिकायत पर FIR दर्ज होने के बाद पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी और पुलिस दोनों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज किए हैं। हालांकि, ट्रस्ट के इन तीनों पदाधिकारियों में से किसी के भी खिलाफ अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।

आरोपियों में शिक्षक, कार मैकेनिक और रिटायर्ड बैंक कर्मचारी शामिल

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में प्राथमिक स्कूल का एक टीचर, एक पूर्व कार मैकेनिक, एक रिटायर बैंक कर्मचारी, दान की गिनती करने वाले ठेके के कर्मचारी और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का भरोसेमंद सहयोगी शामिल हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि अलग-अलग पेशे और सामाजिक पृष्ठभूमि से होने के बावजूद, आरोपियों ने मंदिर के दान प्रबंधन व्यवस्था में अपनी भूमिका का फायदा उठाकर समय-समय पर चढावे की नकदी को हड़प लिया। विशेष जांच दल उनके वित्तीय लेनदेन, संपत्ति और इस कथित साजिश में उनकी अलग-अलग भूमिकाओं की जांच कर रहा है।

गिरफ्तार लोगों में शिक्षक अविनाश शुक्ला भी शामिल हैं, जिन्हें चढ़ावे की गिनती के दौरान नकदी के मिलान का काम सौंपा गया था। पुलिस सूत्रों का दावा है कि उनसे जुड़ी जगहों से 20 लाख रुपये से अधिक कैश, विदेशी मुद्रा और गहने बरामद किए गए हैं, जो सभी आरोपियों में सबसे बड़ी बरामदगी है।

पूछताछ के दौरान, अविनाश ने कथित तौर पर बताया कि कैसे सीसीटीवी के ब्लाइंड स्पॉट (जो कैमरे की कवरेज में नहीं हैं) का फायदा उठाकर और कुछ समय के लिए शौचालय में नकद छिपाकर गिनती केंद्र से नोट निकाले जाते थे।

अन्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा, एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए मंदिर की दान-गिनती इकाई में ठेका कर्मी के तौर पर काम करते थे। अयोध्या के मिल्कीपुर इलाके के बसावन गांव के रहने वाले अनुकल्प कथित तौर पर महीने में लगभग 15,000 रुपये कमाते थे।

पुलिस अनुकल्प की कथित तौर पर बनाई गई संपत्ति की जांच कर रही है, जिसमें लगभग 65 लाख रुपये कीमत का घर, अपने गांव में एक फार्म हाउस, एक प्रीमियम मोटरसाइकिल और बुक की गई महंगी कार शामिल है।

16.8 लाख रुपये कैश बरामद

पुलिस का मानना है कि ये चीजें उनकी ज्ञात आय के मुकाबले बहुत ज्यादा हैं। उनसे जुड़ी तलाशी के दौरान कथित तौर पर लगभग 16.8 लाख रुपये नकद बरामद किया गया। पुलिस मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के साथ उनके कथित पारिवारिक रिश्ते और सह-आरोपी एवं जीजा लवकुश मिश्रा के साथ उनकी करीबी दोस्ती की भी जांच कर रही है।

लवकुश मिश्रा को भी दान की गिनती के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए रखा गया था। वह पहले ऑटोमोबाइल मैकेनिक के तौर पर काम करते थे। महीने में लगभग 10,000-12,000 रुपये कमाते थे। मिनापुर फगौली गांव के रहने वाले इस व्यक्ति ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है।

लवकुश के पास से करीब 14.25 लाख मिले

पुलिस सूत्रों का दावा है कि वह दान की रकम के गबन में शामिल थे। पुलिस उनके अनुकल्प मिश्रा के साथ संबंधों और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के साथ कथित पारिवारिक संपर्कों की जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान लवकुश के पास से करीब 14.25 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

दान की गिनती करने वाले एक और संविदा कर्मचारी रामशंकर मिश्रा पर आरोप है कि वह सुरक्षित काउंटिंग रूम के अंदर नकद संभालते थे। साथ ही दान की रकम को हड़पने की साजिश का हिस्सा थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रामशंकर से जुड़ी तलाशी के दौरान करीब 7.3 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

टिन्नू यादव था मास्टरमाइंड?

अधिकारियों ने गणना के काम में रामशंकर की भूमिका के अलावा उनकी निजी पृष्‍ठभूमि के बारे में बहुत कम जानकारी दी है। पुलिस सूत्रों ने रामशंकर यादव (जिन्हें लोग टिन्नू यादव के नाम से जानते हैं) को इस कथित साजिश के मुख्य लोगों में से एक बताया है। शुरू में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के निजी चालक के तौर पर नियुक्त किए गए टिन्नू यादव बाद में मंदिर प्रशासन और अति विशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी भूमिका में आ गये।

पुलिस का दावा है कि यादव के पास दान की गिनती वाले कमरे और दान पेटियों की चाबियों तक अनधिकृत पहुंच थी, जिससे वह गिनती की प्रक्रिया में हेरफेर कर सकते थे। मंदिर की दान-गिनती टीम में काम करने वाले मनीष कुमार यादव को टिन्नू यादव का भतीजा बताया जाता है।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि मनीष को यह काम पारिवारिक संबंधों के कारण मिला था। वह गणना कक्ष के अंदर नकदी संभालने में शामिल थे। पुलिस ने बताया कि मनीष से जुड़ी तलाशी के दौरान नकद बरामद किया गया और उसके वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

सुभाष चंद्र श्रीवास्तव कौन हैं?

रिटायर बैंक कर्मचारी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव को मंदिर ट्रस्ट ने धार्मिक सुविधा केन्द्र में दान की गिनती की निगरानी के लिए नियुक्त किया था। बैंकिंग अनुभव का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने गिनती की पालियों की देखरेख की और खबरों में उनके स्थानीय आरएसएस पदाधिकारी के तौर पर भी पहचाना गया है।

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पुलिस सूत्रों का दावा है कि श्रीवास्तव गड़बड़ियों को रोकने में नाकाम रहे और कथित गबन में मदद करने में उनकी भूमिका थी। आउटसोर्सिंग एजेंसी के ज़रिए रखे गए एक और संविदा कर्मचारी करुणेश पांडे को दान में मिले नकद को खोलने, छांटने और गिनने का काम सौंपा गया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पांडे भी चढ़ावा राशि हड़पने की साजिश में शामिल था। साथ ही दावा किया कि उससे जुड़ी तलाशी के दौरान 18 लाख रुपये से ज्यादा नकद बरामद किया गया।

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