नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी में मर्ज होने जा रहा है TMC का बागी गुट, जानें क्या है आगे का प्लान

टीएमसी के बागी गुट ने 'नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी' में विलय का फैसला किया है। इस पार्टी की मौजूदगी असम, त्रिपुरा, बंगाल और उत्तर पूर्व राज्यों में है। इस पार्टी में विलय करेंगे और एनडीए का समर्थन करेंगे। यह राजनीतिक हलचल ऐसे समय में सामने आई है, जब बागी गुट के नेता रविवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर एकत्र हुए

अपडेटेड Jun 14, 2026 पर 8:57 PM
बागी नेता काकोली घोष दस्तिदार, शताब्दी रॉय और उनके साथ अन्य नेता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास पर पहुंचे हैं

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बढ़ते असंतोष दिल्ली में पार्टी के बागी नेता काकोली घोष दस्तिदार, शताब्दी रॉय और उनके साथ अन्य नेता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास पर पहुंचे हैं। इससे पहले बागी गुट की केंद्रीय मंत्री और बंगाल में भाजपा के प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर पर बैठक भी हुई। जानकारी के मुताबिक, बागी सांसदों के किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने और बाद में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए) को समर्थन देने की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, यह कदम उठाने से अलग संसदीय समूह बनाने से जुड़ी कानूनी और तकनीकी समस्याओं से बचा जा सकेगा। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित नए राजनीतिक समूह का नाम 'नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी' रखा जा सकता है।

सूत्रों का कहना है कि टीएमसी के बागी गुट ने 'नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी' में विलय का फैसला किया है। इस पार्टी की मौजूदगी असम, त्रिपुरा, बंगाल और उत्तर पूर्व राज्यों में है। इस पार्टी में विलय करेंगे और एनडीए का समर्थन करेंगे।

इस पार्टी में विलय कर सकता है बागी गुट


वहीं, बागी सांसदों की रणनीति नए राजनीतिक मंच के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने और आगे चलकर एनडीए को समर्थन देने की बताई जा रही है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि इस मामले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बागी सांसदों का समूह अपने भविष्य की राजनीतिक रणनीति और आगे के रास्ते पर मंथन कर रहा है।

भूपेंद्र यादव के घर हुई बड़ी बैठक

यह राजनीतिक हलचल ऐसे समय में सामने आई है, जब बागी गुट के नेता रविवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर एकत्र हुए। इसके बाद वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास भी पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने से पहले बागी नेताओं ने भूपेंद्र यादव के साथ बैठक की और मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

बैठक में शामिल हुए ये बड़ा नाम

भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई बैठक में तृणमूल कांग्रेस के कई सांसद शामिल हुए। इनमें काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय, अरूप चक्रवर्ती, सायनी घोष, माला रॉय, बापी हलदार और प्रसून बनर्जी के नाम शामिल हैं। इस दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे भी वहां मौजूद थे। इस घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे राजनीतिक संकट को और गहरा कर दिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में झटका लगने के बाद से पार्टी के अंदर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। हाल के दिनों में कई सांसदों ने राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर चिंता जताई है। साथ ही, कुछ नेताओं ने केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रति सकारात्मक रुख भी दिखाया है। इसके चलते पार्टी नेतृत्व और बागी नेताओं के बीच दूरी बढ़ती नजर आ रही है।

बागी गुट ने इससे पहले लोकसभा में काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता देने की मांग करते हुए एक पत्र सौंपा था। शुक्रवार को 19 तृणमूल कांग्रेस सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं कि पार्टी के लोकसभा सांसदों में बड़ी टूट हो सकती है। इस बीच, काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि जल्द ही दो और सांसद बागी गुट में शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो लोकसभा में इस गुट की संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी। दस्तीदार के इस दावे के बाद तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ती दिखाई दे रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि और सांसद बागी गुट का साथ देते हैं, तो पार्टी के भीतर चल रहा संकट और गहरा सकता है।

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