Republic Day 2026: शंघाई में धूमधाम से मना भारत का 77वां गणतंत्र दिवस

अपने संबोधन में प्रतीक माथुर ने भारत-चीन संबंधों में 2025-26 के दौरान आई तेजी का जिक्र किया। उन्होंने अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित चीन दौरे, शंघाई से भारतीय शहरों के लिए दैनिक उड़ानों की शुरुआत, पर्यटक वीजा बहाली और व्यापार व निवेश में बढ़ते सहयोग की जानकारी दी

अपडेटेड Jan 26, 2026 पर 6:17 PM
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Republic Day 2026: शंघाई में धूमधाम से मना भारत का 77वां गणतंत्र दिवस

चीन के वाणिज्यिक शहर शंघाई में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस आयोजन का नेतृत्व शंघाई में भारत के महावाणिज्यदूत (कौंसुल जनरल) प्रतीक माथुर ने किया। समारोह में भारतीय समुदाय, चीनी नागरिकों और कूटनीतिक जगत से जुड़े लोगों सहित 400 से अधिक लोग शामिल हुए। इनमें यूरोपीय संघ के 20 कौंसुल जनरल भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। इसके बाद महावाणिज्यदूत ने राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संदेश का पाठ किया। इस दौरान “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों से पूरा माहौल देशभक्ति से गूंज उठा।

अपने संबोधन में प्रतीक माथुर ने भारत-चीन संबंधों में 2025-26 के दौरान आई तेजी का जिक्र किया। उन्होंने अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित चीन दौरे, शंघाई से भारतीय शहरों के लिए दैनिक उड़ानों की शुरुआत, पर्यटक वीजा बहाली और व्यापार व निवेश में बढ़ते सहयोग की जानकारी दी।


उन्होंने यह भी बताया कि भारत आने वाले महीनों में एआई इम्पैक्ट समिट और इस साल के अंत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करेगा। साथ ही, हाल ही में नई दिल्ली में संपन्न दूसरे वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के लिए आभार जताया।

इस अवसर पर “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष कला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। इसके बाद सामूहिक गायन कार्यक्रम हुआ, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने हिस्सा लिया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के मौके पर शंघाई से जुड़े उनके जीवन और आज़ाद हिंद फौज पर आधारित एक विशेष संगीत वीडियो भी जारी किया गया, जिसे लोगों ने खूब सराहा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश दिवस का विशेष उल्लेख रहा। बनारसी रेशमी साड़ियों की फैशन प्रदर्शनी के जरिये भारतीय रेशम की विरासत को दर्शाया गया। चीनी कलाकार मैन्डी चेन ने तबले पर हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की शानदार प्रस्तुति दी। वहीं भारतीय समुदाय ने शास्त्रीय नृत्य, संगीत और लोकप्रिय भारतीय फिल्मों के गीतों पर रंगारंग कार्यक्रम पेश किए।

कार्यक्रम के अंत में भारतीय व्यंजन महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों के स्वाद पेश किए गए। बारिश के बीच बच्चों द्वारा गुब्बारे उड़ाए गए। इस अवसर पर शंघाई में मौजूद भारतीय समुदाय ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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