Rising Bharat Summit 2026 Highlights: पीएम मोदी ने कहा कि पहले हम अंतरराष्ट्रीय तकनीकों की नकल करते थे और दुनिया से स्वीकृति मिलने का इंतजार करते थे, जो राजनीतिक से ज्यादा एक मानसिक गुलामी थी। पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं और भारत अपनी ताकत के दम पर व्यापारिक सौदे कर रहा है
Rising Bharat Summit 2026 Highlights: News18 राइजिंग भारत समिट 2026 में पीएम मोदी ने कहा कि, भारत का आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर है। उन्होंने कहा कि इस समिट का मुख्य फोकस 'देश की आंतरिक शक्ति' पर है, जो पिछले 11 वर्षों में भारत की असली ताकत बनकर उभरी है। पीएम मोदी के अनुसार, भारत ने पिछले एक दशक में यह महसूस किया है कि जब 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प जुड़ता है, तो असंभव भ
Rising Bharat Summit 2026 Highlights: News18 राइजिंग भारत समिट 2026 में पीएम मोदी ने कहा कि, भारत का आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर है। उन्होंने कहा कि इस समिट का मुख्य फोकस 'देश की आंतरिक शक्ति' पर है, जो पिछले 11 वर्षों में भारत की असली ताकत बनकर उभरी है। पीएम मोदी के अनुसार, भारत ने पिछले एक दशक में यह महसूस किया है कि जब 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प जुड़ता है, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
'गुलामी की मानसिकता पीछे छोड़, भारत अब व्यापार समझौतों के लिए है उत्सुक'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'राइजिंग भारत समिट' में देश के बदलते आत्मविश्वास पर कहा कि भारत अब 'गुलामी की मानसिकता' से पूरी तरह बाहर निकल चुका है। उन्होंने कहा कि पहले हम अंतरराष्ट्रीय तकनीकों की नकल करते थे और दुनिया से स्वीकृति मिलने का इंतजार करते थे, जो राजनीतिक से ज्यादा एक मानसिक गुलामी थी। पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं और भारत अपनी ताकत के दम पर व्यापारिक सौदे कर रहा है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि आज दुनिया के बड़े और विकसित राष्ट्र भारत के साथ साझेदारी करने के लिए बेताब हैं, जो भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति और वैश्विक प्रभाव का स्पष्ट प्रमाण है।
'टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, अब निर्माता और निर्यातक है भारत'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'राइजिंग भारत समिट 2026' में भारत की बदलती वैश्विक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि एक समय था जब हम केवल नई तकनीकों के खरीदार हुआ करते थे, लेकिन आज भारत तकनीक का निर्माता और निर्यातक बन चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है और भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यातक राष्ट्र है। पीएम मोदी के अनुसार, 'मेड इन इंडिया' चिप्स और स्वदेशी AI मॉडल जैसी उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि भारत अब दुनिया के लिए केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एक 'ट्रस्टेड पार्टनर' और 'ग्लोबल टेक हब' बन गया है, जो पूरी दुनिया की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता रखता है।
'विकास के नए शिखर की ओर बढ़ रहा भारत': जॉर्ज यो
सिंगापुर के दिग्गज राजनेता जॉर्ज यो ने भारत और सिंगापुर के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों पर जोर देते हुए भारत की वर्तमान प्रगति की सराहना की है। 'राइजिंग भारत समिट' के दौरान उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं और बहुत पुराने हैं। यो के अनुसार, सिंगापुर भारत में हो रहे विकास कार्यों पर बहुत करीब से नजर रखता है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया कि भारत अब 'सेल्फ-सस्टेनिंग डेवलपमेंट' के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है, जहां देश की प्रगति की गति अब बाहरी कारकों के बजाय अपनी आंतरिक शक्ति और नीतियों से संचालित हो रही है।