Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा को लेकर हाईअलर्ट, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत ये रास्ते रहेंगे बंद, भारतीय रेलवे ने चलाई कई स्पेशल ट्रेनें

Kanwar Yatra 2026: उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रशासन ने कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान लाखों कांवड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें स्पेशल ट्रेन सेवाएं, अतिरिक्त बसों की व्यवस्था और ट्रैफिक डायवर्जन जैसे उपाय शामिल हैं, ताकि आम यात्रियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

अपडेटेड Jul 28, 2026 पर 10:25 AM
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कांवड़ियों के लिए स्पेशल ट्रेनें और बसें शुरू, इन शहरों में रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

Kanwar Yatra 2026: उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रशासन ने कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान लाखों कांवड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें स्पेशल ट्रेन सेवाएं, अतिरिक्त बसों की व्यवस्था और ट्रैफिक डायवर्जन जैसे उपाय शामिल हैं, ताकि आम यात्रियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए उत्तर रेलवे ने स्पेशल ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं और कुछ मौजूदा ट्रेनों के रूट का विस्तार भी किया है। इन ट्रेनों में शामिल है-

दिल्ली-सहारनपुर MEMU ट्रेन, जो 30 जुलाई से 14 अगस्त तक हरिद्वार तक चलेगी। यह ट्रेन दिल्ली से शाम 4:15 बजे चलेगी, रात 8:50 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। वहां 20 मिनट रुकने के बाद यह रवाना होगी और रुड़की व ज्वालापुर होते हुए रात 10:50 बजे हरिद्वार पहुंचेगी। वापसी की यात्रा में, यह ट्रेन हरिद्वार से रात 2 बजे चलेगी और सुबह 8:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी।


इसी तरह, दिल्ली-शामली DEMU ट्रेन को भी 30 जुलाई से 14 अगस्त के बीच शामली, थाना भवन, रामपुर मनिहारन और टपरी होते हुए हरिद्वार तक बढ़ाया गया है।

इसके अलावा, नॉर्दर्न रेलवे तीर्थयात्रा के मौसम में दो स्पेशल मेला ट्रेनें भी चलाएगा। इनमें हरिद्वार-दिल्ली शाहदरा मेला स्पेशल ट्रेन (टपरी के रास्ते) 30 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगी, जबकि योगनगरी ऋषिकेश-दिल्ली शाहदरा मेला स्पेशल ट्रेन (टपरी के रास्ते) 30 जुलाई से 14 अगस्त तक संचालित की जाएगी।

हरियाणा में भी चलेंगी अतिरिक्त बसें 

हरियाणा रोडवेज ने भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी बल्लभगढ़ और हरिद्वार के बीच रोजाना दो बसें चल रही हैं और यात्रियों की मांग के आधार पर और बसें चलाई जा सकती हैं। News18 की रिपोर्ट के अनुसार, बस का किराया पहले की तरह 385 रुपये प्रति यात्री रखा गया है।

वहीं, गाजियाबाद पुलिस ने ट्रैफिक मैनेजमेंट का एक विस्तृत प्लान लागू किया है। शहर में 29 जुलाई से 12 अगस्त तक भारी मालवाहक गाड़ियों के आने पर रोक रहेगी। इन भारी वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, NH-9 और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से डायवर्ट किया जाएगा।

इसके अलावा, गंगा नहर ट्रैक, कांवड़ मार्ग, पाइपलाइन मार्ग, NH-34 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी भारी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक रहेगी।

गाजियाबाद के इलाकों में वाहनों पर लागू रहेंगी पाबंदियां

5 अगस्त से 12 अगस्त तक गाजियाबाद के कई इलाकों में कारों, टेम्पो, पिकअप और दूसरे हल्के कमर्शियल वाहनों पर भी पाबंदियां लागू रहेंगी। कुछ खास रूटों पर ऑटो-रिक्शा सर्विस बंद रहेगी। जबकि, रोडवेज, प्राइवेट और इलेक्ट्रिक बसों को सीमापुरी बॉर्डर और तुलसी निकेतन के रास्ते शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन ने एम्बुलेंस और इमरजेंसी गाड़ियों की बिना रुकावट आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाए हैं। साथ ही संवेदनशील जगहों पर CCTV कैमरे, ड्रोन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

मुजफ्फरनगर के इन रास्तों पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी

वहीं, मुजफ्फरनगर में दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और गंगा नहर रोड पर भारी वाहनों पर पाबंदियां 30 जुलाई से शुरू हो जाएंगी। 4 अगस्त से 12 अगस्त तक इन रास्तों पर सभी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक रहेगी और हाईवे का एक खास हिस्सा सिर्फ कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा।

इसके अलावा, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश वाला हिस्सा 7 अगस्त से 12 अगस्त तक ट्रैफिक के लिए बंद रहेगा। मेरठ, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें, जिनमें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और NH-9 शामिल हैं।

मिर्जापुर प्रशानस ने ट्रैफिक डायवर्जन की घोषणा की

मिर्जापुर जिला प्रशासन ने भी 31 जुलाई से 28 अगस्त तक ट्रैफिक डायवर्जन की घोषणा की है। सावन के महीने में दूध, पेट्रोलियम उत्पादों और स्कूल के सामान जैसी जरूरी चीजें ले जाने वाले वाहनों को छोड़कर, अन्य भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। कांवड़ियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए कई डायवर्जन रूट तय किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्य रास्तों और स्नान घाटों पर अस्थायी पुलिस स्टेशन, गोताखोर और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।

अधिकारियों ने जारी की एडवाइजरी

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने भक्तों और आम यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा करने से पहले ट्रेनों के लेटेस्ट शेड्यूल, बस सेवाओं और ट्रैफिक एडवाइजरी को देख लें, क्योंकि भीड़ की आवाजाही के आधार पर व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा सकता है।

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