RSS Anthem Row News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रार्थना गीत यानी एंथम गाकर पार्टी के भीतर आलोचनाओं का सामना कर रहे कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मांग ली है। सीनियर कांग्रेसी नेता ने मंगलवार (26 अगस्त) को कहा कि कर्नाटक विधानसभा में RSS का गीत गाने से अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि वह एक कांग्रेसी हैं और मरते दम तक कांग्रेसी ही रहेंगे। शिवकुमार कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने सदन के अंदर आरएसएस का एंथम गाकर सभी को हैरान कर दिया था।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में किसी संदर्भ में इसका उल्लेख किया था। शिवकुमार ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में चार जून को हुई भगदड़ पर 21 अगस्त को विधानसभा में चर्चा के दौरान आरएसएस की प्रार्थना 'नमस्ते सदा वत्सले...' की कुछ पंक्तियां पढ़ी थीं।"
उन्होंने बेंगलुरु में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, "मैं किसी से बड़ा नहीं हूं, मेरा जीवन सबको शक्ति देने के लिए है। मैं हर किसी की मुश्किल में उनके साथ खड़ा रहा हूं, आज भी उनके साथ हूं... एक वफादार कांग्रेसी होने के नाते मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता... अगर आप माफी चाहते हैं, तो हां, मैं इसके लिए तैयार हूं। सभी कांग्रेसियों और विपक्षी दलों के 'इंडिया' गठबंधन के कई राजनीतिक दलों के मित्रों को संभवत: इससे ठेस पहुंची है।"
शिवकुमार ने आगे कहा, "अगर आपको लगता है कि मैंने कोई गलती की है, जो मैंने नहीं की है, तो मैं अब भी माफी मांगने को तैयार हूं।" कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के प्रति अपनी वफादारी दोहराते हुए शिवकुमार ने कहा, "कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के प्रति मेरी वफादारी पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। मैं जन्म से कांग्रेसी हूं, मरते दम तक कांग्रेसी ही रहूंगा।"
पार्टी में ही उठे थे सवाल
वरिष्ठ कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने सोमवार को आश्चर्य जताया था कि क्या शिवकुमार विधानसभा के अंदर आरएसएस की प्रार्थना गाकर किसी को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा था, "हमें शिवकुमार द्वारा उप-मुख्यमंत्री के तौर पर प्रार्थना पढ़ने पर कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि सरकार आरएसएस समेत सभी की होती है। अगर उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर ऐसा कहा है, तो उन्हें माफी मांगनी होगी।"
हरिप्रसाद ने सोमवार को डीके शिवकुमार से विधानसभा में आरएसएस की प्रार्थना गाने के लिए माफी की मांग करते हुए सवाल किया कि वह किसे खुश करने की कोशिश कर रहे हैं? हालांकि, राज्य के मंत्री महादेवप्पा ने उप मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रार्थना गाने का अभिप्राय यह नहीं है कि शिवकुमार बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। हरिप्रसाद ने सवाल किया कि आजाद भारत में तीन बार जिस संगठन पर प्रतिबंध लगा उस आरएसएस से जुड़े गीत को गाकर शिवकुमार किसे खुश करने की कोशिश कर रहे हैं।
कर्नाटक के विधान पार्षद (MLC) हरिप्रसाद ने दावा किया, "अगर वह उपमुख्यमंत्री के तौर पर आरएसएस की प्रार्थना को गाते हैं तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी, क्योंकि सरकार किसी पार्टी की नहीं, बल्कि कर्नाटक के सात करोड़ लोगों की है जिनमें आरएसएस, जमात-ए-इस्लामी और कई अन्य हैं। लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उन्हें यह प्रार्थना नहीं गानी चाहिए।"
शिवकुमार ने 21 अगस्त को कर्नाटक विधानसभा में चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुई भगदड़ पर चर्चा के दौरान आरएसएस की प्रार्थना का गायन कर सभी को हतप्रभ कर दिया था। भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद से ही शिवकुमार अपनों के ही निशाने पर आ गए।