'रूस का फाइटर जेट Su-57 संभालेगा IAF की कमान!' जानें ये 6 फीचर्स, जिनसे थर-थर कांपते हैं दुश्मन

Russia Su 57 Fifth Gen Fighter Jet: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के एक बयान ने रक्षा गलियारों में हलचल तेज कर दी है। उन्होंने खुलासा किया है कि रूस ने भारत को अपना सबसे आधुनिक 5th-Gen फाइटर जेट Su-57 ऑफर किया है। अगर स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट में देरी होती है, तो क्या वायुसेना रूस के इस स्टेल्थ फाइटर पर दांव लगाएगी

अपडेटेड Oct 05, 2026 पर 3:19 PM
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पिछले दिनों पुतिन ने कहा था कि मॉस्को Su-57 कार्यक्रम में भारत की आपूर्ति और संयुक्त विकास सहित सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है

Russia Su 57 Fifth Gen Fighter Jet: भारतीय वायुसेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने खुलासा किया है कि रूस ने भारत को अपने पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट Su-57 की पेशकश की है। वैसे वायुसेना प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस विमान को खरीदने पर फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

अक्टूबर में आयोजित वायुसेना की वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि यदि भारत के स्वदेशी 'एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट' (AMCA) कार्यक्रम में देरी होती है, तो वायुसेना को अन्य विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेड़े में फाइटर जेट्स की कमी को दूर करने के लिए वायुसेना अपनी सूची में विमानों की संख्या बढ़ाना चाहती है।

एयर चीफ के इस बयान के बाद रूस के Su-57 ऑफर पर एक बार फिर से चर्चा तेज हो गई है। इससे पहले जून में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि मॉस्को Su-57 कार्यक्रम में भारत की आपूर्ति और संयुक्त विकास सहित सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है।


पुतिन ने कहा था कि, 'जहां तक Su-57 का सवाल है, एक समय में हमने अपने भारतीय दोस्तों को इस तकनीक पर एक साथ काम करने का प्रस्ताव दिया था। यह पांचवीं पीढ़ी की तकनीक है और मुझे लगता है कि यह वर्तमान समय में दुनिया में सबसे सर्वश्रेष्ठ है'।

रूस का Su-57 क्या-क्या सुविधाएं और क्षमताएं प्रदान करता है?

1. लो ऑब्जर्वेबिलिटी (स्टेल्थ तकनीक): Su-57 को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह रडार, इंफ्रारेड और विजुअल सिग्नेचर को काफी हद तक कम कर देता है। इसकी निर्माता कंपनी 'यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन' (UAC) के अनुसार, यह फाइटर जेट रडार और इंफ्रारेड तरंगों में बेहद कम दिखाई देता है।

2. मल्टीरोल कॉम्बैट क्षमता: Su-57 एक बहुउद्देश्यीय फाइटर जेट है, जो हवा, जमीन और समुद्र तीनों तरह के निशानों पर एक साथ हमला करने में सक्षम है। रूस का दावा है कि यह खराब से खराब मौसम और इलेक्ट्रॉनिक-जैमिंग की कठिन परिस्थितियों में भी सटीक संचालन कर सकता है।

3. इंटीग्रेटेड सेंसर्स और एवियोनिक्स: इस फाइटर जेट में एक इंटीग्रेटेड एवियोनिक्स आर्किटेक्चर दिया गया है, जो पायलट की मदद करता है और कई युद्ध कार्यों को स्वचालित बनाता है। इसके सेंसर सूट में एडवांस्ड रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम शामिल हैं, जो लो-ऑब्जर्वेबल लक्ष्यों का भी पता लगाने और उन्हें ट्रैक करने में सक्षम हैं।

4. सुपर-मैन्युवरेबिलिटी और सुपरसोनिक स्पीड: Su-57 स्टेल्थ फीचर्स के साथ-साथ शानदार सुपर-मैन्युवरेबिलिटी का संयोजन पेश करता है। रूस इसे सुपरसोनिक क्रूज़िंग क्षमता से लैस बताता है, जो इसकी गति और हवा में फुर्ती को और बढ़ाती है।

5. इंटरनल वेपन्स बे: इस विमान में आंतरिक हथियार कक्ष दिए गए हैं। यह कई तरह के गाइडेड एयर-टू-एयर और एयर-टू-सरफेस हथियारों को अंदर छिपाकर ले जा सकता है। इससे जेट का स्टेल्थ (लो-ऑब्जर्वेबल) कॉन्फ़िगरेशन बना रहता है और इसकी मल्टीरोल क्षमता भी प्रभावित नहीं होती।

6. नया और ताकतवर इंजन: Su-57 के विकास में प्रोपल्शन सिस्टम सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। दिसंबर 2025 में इस एयरक्राफ्ट ने रूस के नए Product 177 इंजन के साथ अपनी पहली सफल उड़ान भरी थी। यह नया इंजन जेट को अधिक थ्रस्ट प्रदान करता है, जिससे इसकी उड़ान प्रदर्शन और अपग्रेड क्षमता में जबरदस्त सुधार हुआ है।

लगातार अपग्रेड हो रहा है Su-57

रूस इस फाइटर जेट को लगातार आधुनिक बना रहा है। मई 2026 में 'यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन' ने अपडेटेड ऑनबोर्ड सिस्टम और नए वेपन्स पैकेज से लैस Su-57 की एक और नई खेप रूसी रक्षा मंत्रालय को सौंपी थी। इसके अलावा, रूस अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए इसका निर्यात संस्करण Su-57E भी विकसित कर रहा है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह ऑफर?

भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमानों की कमी और स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट टाइमलाइन को देखते हुए रूस का यह ऑफर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वायुसेना प्रमुख के अक्टूबर के बयानों से संकेत मिलता है कि यदि स्वदेशी कार्यक्रम में देरी होती है, तो किसी विदेशी 5th-Gen फाइटर पर विचार किया जा सकता है, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।

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