Sarva Pitru Amavasya 2026: कल शनि अमावस्या के साथ विदा होंगे पितृ, जानें सर्व पितृ अमावस्या पर तर्पण और श्राद्ध का मुहूर्त

Sarva Pitru Amavasya 2026: सर्व पितृ अमावस्या अश्विन माह की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। यह पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है, जो इस साल कल होगा। इस दिन सभी पितरों का श्राद्ध और तर्पण कर विदा किया जाता है। इस साल सर्व पितृ अमावस्या और शनि अमावस्या का संयोग बन रहा है

अपडेटेड Oct 09, 2026 पर 5:31 PM
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उदयातिथि के आधार पर सर्व पितृ अमावस्या 10 अक्टूबर शनिवार को है।

Sarva Pitru Amavasya 2026: अश्विन अमावस्या से पितरों श्राद्ध और तर्पण की अवधि, जिसे पितृ पक्ष कहते हैं, समाप्त हो जाती है। सर्व पितृ अमावस्या के दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है, जिनका निधन किसी भी माह की अमावसया तिथि को हुआ था और जिनकी मृत्यु की तारीख ज्ञात नहीं है। इस दिन श्राद्ध, तर्पण और दान के बाद पितृ लोक से आए पितृ विदा हो जाते हैं।

सर्व पितृ अमावस्या तारीख और समय?

आश्विन अमावस्या तिथि शुक्रवार, 9 अक्टूबर रात 9 बजकर 35 मिनट से शनिवार रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कार्य दोपहर के समय करते हैं। उदयातिथि के आधार पर सर्व पितृ अमावस्या 10 अक्टूबर शनिवार को है। शनिवार की अमावस्या होने की वजह से यह शनि अमावस्या भी है और आश्विन अमावस्या भी।

सर्व पितृ अमावस्या 2026 मुहूर्त

सर्व पितृ अमावस्या पर ज्ञात और अज्ञात सभी पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध होता है। सर्व पितृ अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कुतुप मुहूर्त या रौहिण मुहूर्त में कर देते हैं।

कुतुप मुहूर्त : 11:45 ए एम से 12:31 पी एम


रौहिण मुहूर्त : 12:31 पी एम से 01:18 पी एम

अपराह्न काल : 01:18 पी एम से 03:37 पी एम

सर्व पितृ अमावस्या पर पितरों को विदा करने की विधि

सर्व पितृ अमावस्या को आप विधि विधान से सही मुहूर्त में पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर लें। उसके बाद जब सूर्यास्त हो तो पितरों की विदाई का कार्यक्रम करें। उनके लिए चार मुख वाला तेल का एक दीप जलाएं। यह दीपक दक्षिण दिशा में रखना है। जब पितर धरती से विदा होंगे तो उस दीपक की वजह से उनके मार्ग में उजाला रहेगा।

पितरों को विदा करें मोक्ष प्राप्ति की कामना

दीपक जलाने के बाद आप पितरों को स्मरण करें और दोनों हाथों को जोड़कर उनको प्रणाम करते हुए कहें— हे सभी पितृ देव! पितृ पक्ष के समय में आपके लिए तर्पण, श्राद्ध, पंचबलि कर्म, दान, ब्राह्मण भोज आदि अपनी क्षमता के अनुसार किया, आप सभी मेरे इन कार्यों से तृप्त और संतुष्ट हों। भगवान विष्णु की कृपा से आप सभी को मोक्ष की प्राप्ति हो। आप सभी अपने मार्ग से अपनी दिशा की ओर प्रस्थान करें और पूरे परिवार को सुख, समृद्धि और उन्नति का आशीर्वाद दें।

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