Sanchar Saathi App: 'जासूसी संभव नहीं...', संचार साथी ऐप विवाद पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने लोकसभा में विपक्ष को दिया जवाब

Scindia On Sanchar Saathi App: केन्द्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार लोगों की प्राइवेसी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और उपयोगकर्ताओं का इस पर पूरा नियंत्रण है कि वे ऐप को रजिस्टर करें या नहीं। इससे कोई सीक्रेट निगरानी संभव नहीं है

अपडेटेड Dec 03, 2025 पर 12:55 PM
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ये पूरा मामला सरकार के एक आदेश के बाद शुरू हुआ जिसमें संचार साथी ऐप को सभी स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल करने की बात कही गई थी

Sanchar Saathi App: देश में संचार साथी ऐप को लेकर बड़ा बवाल छिड़ा हुआ है। इसी बीच केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज लोकसभा में संचार साथी ऐप से जुड़ी चिंताओं पर विपक्ष को जवाब दिया। उन्होंने बताया कि ऐप का इस्तेमाल जासूसी के लिए नहीं किया जा सकता है, और यह तब तक निष्क्रिय रहेगा जब तक कोई यूजर इसे रजिस्टर नहीं करता है। बता दें कि ये पूरा मामला सरकार के एक आदेश के बाद शुरू हुआ जिसमें संचार साथी ऐप को सभी स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल करने की बात कही गई थी। विपक्ष ने इसे लोगों की निगरानी और जासूसी का एक टूल बताया।

लोकसभा में संचार मंत्री सिंधिया ने दिया स्पष्टीकरण

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान निचले सदन में बोलते हुए, सिंधिया ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, 'इस ऐप के आधार पर, न तो जासूसी संभव है और न ही यह कभी होगी।' मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल ऐप के फोन में होने का मतलब यह नहीं है कि वह एक्टिव हो जाएगा। यह पूरी तरह से यूजर्स पर निर्भर है। उन्होंने कहा, 'यदि आप इसे रजिस्टर करते हैं, तो यह एक्टिव रहेगा। अगर आप इसे रजिस्टर नहीं करते हैं, तो यह निष्क्रिय रहेगा। लोगों को इसका उपयोग न करने का भी अधिकार है।'


केन्द्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार लोगों की प्राइवेसी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और उपयोगकर्ताओं का इस पर पूरा नियंत्रण है कि वे ऐप को रजिस्टर करें या नहीं। इससे कोई सीक्रेट निगरानी संभव नहीं है।

धोखाधड़ी से सुरक्षा है ऐप का उद्देश्य

केन्द्रीय मंत्री ने संचार साथी ऐप के मुख्य उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका लक्ष्य नागरिकों को धोखाधड़ी और चोरी से बचाना है। उन्होंने कहा कि यह ऐप जन भागीदारी को प्रोत्साहित करता है। यह यूजर्स को फर्जी IMEI नंबरों की पहचान करने, धोखाधड़ी वाले कनेक्शन की रिपोर्ट करने और खोए या चोरी हुए मोबाइल उपकरणों का पता लगाने की अनुमति देता है। सिंधिया ने ऐप की अब तक की सफलताओं का हवाला दिया, जिसमें लाखों धोखाधड़ी वाले कनेक्शनों को काटना और कई चोरी हुए फोन को वापस पाना शामिल है।

उन्होंने विपक्षी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, 'यह जन भागीदारी की दिशा में एक कदम है। इसमें लोगों को आपत्ति नहीं करनी चाहिए; लोगों को इसका स्वागत करना चाहिए।'

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