'बंगाल में मिले सात धृतराष्ट्र, जिनके 100-100 बच्चे!', चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पर समिक भट्टाचार्य का तंज

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए वोटर लिस्ट को लेकर तंज कसा और साथ ही सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, महाभारत में एक धृतराष्ट्र थे, लेकिन हमारी वोटर लिस्ट में सात धृतराष्ट्र मिले हैं। जिनके 100-100 बच्चे हैं

अपडेटेड Feb 09, 2026 पर 4:47 PM
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पश्चिम बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमाई हुई है।

पश्चिम बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमाई हुई है। इसी बीच सोमवार (9 फरवरी) को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए वोटर लिस्ट को लेकर तंज कसा और साथ ही सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, महाभारत में एक धृतराष्ट्र थे, लेकिन हमारी वोटर लिस्ट में सात धृतराष्ट्र मिले हैं। जिनके 100-100 बच्चे हैं।

भाजपा का बड़ा हमला 

समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि बंगाल की वोटर लिस्ट में कई अजीबोगरीब नाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "महाभारत में एक धृतराष्ट्र थे, हमारी वोटर लिस्ट में सात धृतराष्ट्र मिले हैं, जिनके 100-100 बच्चे हैं। क्या उन्हें पद्म विभूषण या पद्म भूषण नहीं दिया जा सकता, भले ही वे कुछ भी न हों? वे 40 साल में दादा बन गए हैं। क्या अनोखी ताकत है और वह पोता भी वोटर है।"


SIR पर भी रखी अपनी बात

उन्होंने साफ कहा कि भाजपा को इस बात से कोई आपत्ति नहीं है कि कौन नया नाम जुड़ा या कौन छूटा, लेकिन जो भी आपत्तियां हैं, उन्हें फॉर्म-7 के जरिए चुनाव आयोग को सौंपा जाएगा। समिक ने कहा कि निष्पक्ष और बिना गलती वाली वोटर लिस्ट देना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है और आयोग को यह जिम्मेदारी निभानी ही होगी। इसके साथ ही, भट्टाचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस SIR प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "सत्ताधारी पार्टी चाहती है कि अवैध घुसपैठियों और रोहिंग्या मतदाताओं के नाम सूची में बने रहें ताकि चुनाव प्रभावित किया जा सके।" उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में पासपोर्ट और दस्तावेज बनाने का एक बड़ा रैकेट एक्टिव है, जिसकी जांच होनी चाहिए। समिक ने कहा, "वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी केंद्र की नहीं, बल्कि राज्य सरकार की होती है। लेकिन बंगाल में हर जगह एक रैकेट काम कर रहा है।" उन्होंने जनता से अपील की कि वे खुद समझें कि सही और गलत क्या है, क्योंकि इसका असर सीधे चुनाव नतीजों पर पड़ेगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार पुलिस और प्रशासन का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। साथ ही तृणमूल पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि, "तृणमूल ने लोगों को सिखाया है कि CPM सांप की तरह है। जहां भी देखो, उसे पीट-पीटकर मार डालो।" समिक ने यहां तक कहा कि, "मुख्यमंत्री ने कहा है कि कौन सा अखबार पढ़ना है और कौन सा नहीं पढ़ना है।" इस पूरे बयान से साफ है कि आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। एक तरफ भाजपा SIR के जरिए फर्जी और अवैध नाम हटाने की बात कर रही है, तो दूसरी ओर तृणमूल इसे चुनावी साजिश बता रही है।

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