Shashank Singh: 'शशांक सिंह ने बहुत मारा...'; विवादों में घिरा IPL का दिग्गज क्रिकेटर, कुक के साथ मारपीट का केस दर्ज

Shashank Singh: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की रतिबाद पुलिस ने पंजाब किंग्स के क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता, पुलिस के रिटायर्ड स्पेशल डायरेक्टर जनरल (डीजी) शैलेश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनके घर पर काम करने वाले एक रसोइए ने मारपीट, गाली-गलौज और जबरदस्ती मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है

अपडेटेड Jun 30, 2026 पर 4:53 PM
Shashank Singh: आईपीएल में खेलने वाले क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता मुश्किल में फंस गए हैं

Shashank Singh News: पंजाब किंग्स के स्टार बल्लेबाज शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) शैलेश सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उनके घरेलू रसोइए (कुक) विपेंद्र सिंह तोमर ने उन पर मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगाया है। भोपाल की रतिबाद पुलिस ने IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता शैलेश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनके घर पर काम करने वाले रसोइए तोमर ने मारपीट, गाली-गलौज और जबरदस्ती मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, एफआईआर में शैलेश सिंह, शशांक सिंह और उनके ड्राइवर (जिसकी पहचान मिश्रा के तौर पर हुई है) को आरोपी बनाया गया है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 296(B), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

क्या है आरोप?


रीवा जिले के रहने वाले शिकायतकर्ता विपेंद्र सिंह तोमर ने 25 जून को नीलबाद स्थित परिवार के बंगले में रसोइए के तौर पर काम शुरू किया था। विपेंद्र का आरोप है कि उन्हें खाने-पीने और रहने की सुविधा के साथ 15,000 रुपए महीने की सैलरी देने का वादा किया गया था। पीड़ित ने अपनी लिखित शिकायत में कहा, "सैलरी, खाने और रहने की सुविधा का भरोसा मिलने के बाद मैं वहां काम करने के लिए तैयार हो गया और उनके घर पर ही रहने लगा।"

तोमर ने आरोप लगाया कि बाद में उनसे कहा गया कि उनके काम में कमियां हैं और उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में मारपीट का आरोप लगाने वाले विपेंद्र सिंह तोमर ने बताया, "शैलेश सिंह पूर्व रिटायर्ड DGP हैं। उनके यहां खाना बनाने आया था। मैं 25 जून को आया। मैंने उनका व्यवहार देखा और काम करने से मना कर दिया। उन्होंने मेरा फोन छीन लिया। मुझे गाली दी। मुझे उनके बेटे क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके ड्राइवर ने बहुत मारा। मुझे डराया धमकाया… मैं थाने में गया, पहले रिपोर्ट नहीं लिख रहे थे। फिर मेडिकल कराया और FIR दर्ज़ की। मैं न्याय चाहता हूं।"

उन्होंने पुलिस को आगे बताया, "28 जून को नाश्ता बनाने के बाद मैंने शैलेश सिंह से अपना मोबाइल फोन वापस मांगा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इससे परेशान होकर मैं अपने कमरे में चला गया।" शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि शैलेश सिंह, उनके बेटे शशांक सिंह और उनके ड्राइवर मेरे कमरे में आए, मुझे अपशब्द कहे और हाथों एवं घूंसों से मारपीट करने लगे। मुझे पीटने के बाद, उन्होंने मुझे जबरदस्ती घर से बाहर निकाल दिया।"

मोबाइल फोन से 1,000 रुपए ट्रांसफर

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने उनके मोबाइल फोन से 1,000 रुपए ट्रांसफर किए, यह कहते हुए कि यह खाने और रहने के खर्च के लिए थे। तोमर ने अपने बयान में कहा, "घटना के बाद, मैं शिकायत दर्ज कराने और कानूनी कार्रवाई की मांग करने के लिए अपने रिश्तेदारों के साथ पुलिस स्टेशन आया।"

शशांक सिंह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हैं। जबकि उनके पिता शैलेश सिंह मध्य प्रदेश पुलिस के रिटायर्ड स्पेशल डीजी हैं। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। रिटायर आईपीएस अधिकारी शैलेश सिंह से भी प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई। हालांकि, अभी तक उनका कोई बयान सामने नहीं आया है।

शशांक सिंह की सफाई

क्रिकेटर शशांक सिंह ने अपने और अपने रिटायर्ड IPS पिता के खिलाफ कथित मारपीट के मामले में दर्ज FIR पर कहा, "ऐसा कुछ नहीं हुआ। जो व्यक्ति 25 तारीख की शाम को आता है और 28 तारीख की सुबह चला जाता है। उसे बंधक बनाकर रखना कैसे कहा जा सकता है? वह व्यक्ति हमारे पास यह कहकर आया था कि मुझे खाना बनाना आता है। मैं हर तरह का खाना बना सकता हूं। लेकिन बाद में उसने खुद माना कि उसे ठीक से खाना बनाना नहीं आता था। तो ऐसे व्यक्ति पर कैसे भरोसा किया जा सकता है?"

उन्होंने आगे कहा, "वह घर में आया और बेडरूम के वीडियो बनाने लगा। वह उस बेडरूम में भी गया जहां महंगी और लग्ज़री चीज़ें रखी थीं, वहां वीडियो बनाए और उन्हें दूसरे लोगों को भेजा। ऐसी हरकत करने वाले के बारे में आप क्या कहेंगे? मेरी उससे मुश्किल से एक या डेढ़ मिनट बात हुई होगी। मैंने बस उससे पूछा, 'तुम किस तरह के व्यंजन बना सकते हो?' उसने जवाब दिया कि वह साउथ इंडियन खाना, चाइनीज़ खाना और बाकी सब कुछ बना सकता है। बस इतना ही...।"

क्रिकेटर ने पीटीआई को आगे बताया, "वह मेरे पिता के एक दोस्त के जरिए आया था, जिन्होंने उसकी सिफारिश करते हुए कहा था कि उसे ये सभी व्यंजन बनाने आते हैं। इसीलिए उसे घर लाया गया। लेकिन आते ही उसने 20,000 रुपये एडवांस पेमेंट की मांग की। मेरी मां ने उससे कहा, 'पहले दो-तीन दिन खाना बनाओ। हमें देखने दो कि क्या तुम यहां एडजस्ट कर पाते हो और तुम्हारा खाना कैसा है। उसके बाद, हम तय करेंगे कि तुम्हें कितने पैसे देने हैं। तो शुरू से ही वह 20,000 रुपये की मांग कर रहा था। इसी बात से हमें शक हुआ... कौन आते ही 20,000 रुपये मांगता है? पहले हमें अपना खाना बनाने का हुनर ​​दिखाओ। अगर हमें तुम्हारा काम पसंद आएगा, तभी हम तुम्हें रखेंगे... और जाहिर है, वह ठीक से खाना नहीं बना पा रहा था।"

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