Shashi Tharoor Attack: केरल में शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन घायल, पुलिस ने 5 को किया गिरफ्तार

Shashi Tharoor Attack: केरल के मलप्पुरम में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर बाल-बाल हमले से बच गए। देर रात हुई एक चौंकाने वाली घटना में, थरूर वांडूर में एक चुनावी कार्यक्रम में जा रहे थे, तभी थिरुवल्ली चेल्लीथोडु पुल के पास मोटरसाइकिल पर सवार कुछ लोगों ने उनकी कार का पीछा किया।

अपडेटेड Apr 04, 2026 पर 12:46 PM
Story continues below Advertisement
केरल में शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन घायल, पुलिस ने 5 को किया गिरफ्तार

Shashi Tharoor Attack: केरल के मलप्पुरम में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर बाल-बाल हमले से बच गए। देर रात हुई एक चौंकाने वाली घटना में, थरूर वांडूर में एक चुनावी कार्यक्रम में जा रहे थे, तभी थिरुवल्ली चेल्लीथोडु पुल के पास मोटरसाइकिल पर सवार कुछ लोगों ने उनकी कार का पीछा किया। उनके काफिले को रोक दिया गया और आरोपियों ने उनके सुरक्षाकर्मियों को गालियां दीं। सुरक्षाकर्मी ने बीच-बचाव के लिए हस्तक्षेप किया, लेकिन झड़प में वह घायल हो गए।

सुरक्षाकर्मी की शिकायत के आधार पर वांडूर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी उमर के खिलाफ गैर-जमानती मामला दर्ज किया है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है, जिससे आरोपियों की कुल संख्या तीन हो गई है। अधिकारी हमले के मकसद और इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस हमले की योजना बनाने में और भी लोग शामिल थे।

चुनाव से पहले सुरक्षा संबंधी चिंता


यह घटना केरल में 9 अप्रैल को होने वाले चुनावों से कुछ दिन पहले घटी है। इन चुनावों पर सबकी नजर है क्योंकि ये राज्य की राजनीति की लय को ही बदल सकते हैं। इस राज्य में दो प्रमुख दलों - वामपंथी और कांग्रेस - के बीच सत्ता का उतार-चढ़ाव देखने को मिलता रहा है। मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ वामपंथी एलडीएफ (वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चा) लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।

बता दें कि राज्य में चुनाव प्रचार जोरों पर है, जहां सभी 140 सीटों पर जबरदस्त चुनावी लड़ाई और कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। मतगणना 4 मई को होगी और इस नतीजे से तय होगा कि क्या दक्षिणी राज्य में बारी-बारी से सरकारें बनने की पुरानी परंपरा टूटेगी या फिर सत्ता का लगातार विकास जारी रहेगा।

यह मुकाबला मुख्य रूप से LDF और UDF के बीच है। जबकि BJP-नेतृत्व वाला NDA राज्य में अब तक सीमित भूमिका निभा रहा है, लेकिन उसने खासकर शहरी इलाकों और कुछ चुनिंदा निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए तेज कोशिशें की हैं।

यह भी पढ़ें: Gujarat UCC Bill 2026: गुजरात UCC बिल में क्या है खास? जानिए क्यों AIMPLB विधेयक को कोर्ट में देगी चुनौती

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।