Gujarat UCC Bill 2026: गुजरात भले ही यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल 2026 (UCC) लागू करने वाला दूसरा राज्य बन गया हो, लेकिन विपक्षी पार्टियां इस बिल का अब भी विरोध कर रही हैं। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि विधेयक को पेश करना “राजनीतिक रूप से प्रेरित” है। वहीं, अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने शुक्रवार को बिल को "असंवैधानिक" करार दिया और कहा कि वह इसे गुजरात हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।
बता दें कि गुजरात विधानसभा ने 24 अप्रैल को यूसीसी बिल पारित किया था, जिसका उद्देश्य धर्म या समुदाय की परवाह किए बिना विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप को नियंत्रित करने के लिए एक समान कानूनी ढांचा स्थापित करना है।
लेकिन अब इस बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कांग्रेस विधायक शैलेश परमार ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित कानून में गुजरात में रह रहे अन्य राज्यों के लोगों को भी शामिल किया जाएगा या नहीं। उन्होंने कहा, "लिव-इन रिलेशनशिप के मुद्दे पर स्पष्टता का अभाव है और यह बिल नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से टकराना नहीं चाहिए।"
यूसीसी बिल 'राजनीतिक रूप से प्रेरित'
वहीं, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि विधेयक को पेश करना “राजनीतिक रूप से प्रेरित” है। चावड़ा ने पूछा कि विधेयक को विधानसभा में पेश करने से पहले न्यायमूर्ति रंजना देसाई पैनल की रिपोर्ट विधायकों को पढ़ने के लिए क्यों नहीं दी गई।
बिल को हाई कोर्ट में चुनौती देगा AIMPLB
दूसरी तरफ अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने शुक्रवार को बिल को ‘ ‘असंवैधानिक’ करार देते हुए कहा कि वह इसे कोर्ट में चुनौती देंगे। बोर्ड ने कहा कि यह बिल अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से मुसलमानों पर बहुसंख्यकवादी सामाजिक और सांस्कृतिक मानदंडों को थोपने का एक प्रयास है, और यह "अस्वीकार्य" है।