Nepal Flash Flood: नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक और विनाशकारी बाढ़ ने चारों तरफ भारी तबाही मचाई है। इस समय पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर पूर्वनियोजित कार्यक्रमों के सिलसिले में खुद काठमांडू में ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं। नेपाल में आई इस भीषण त्रासदी के बीच शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्थिति की गंभीरता को साझा करते हुए वहां फंसे भारतीयों को लेकर गहरी चिंता जताई है और हाई लेबल पर मदद का भरोसा दिया है।
काठमांडू में मौजूद शशि थरूर ने जारी किए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
शशि थरूर ने अपने आधिकारिक संदेश में जानकारी दी कि वे काठमांडू में हैं और यहां पहुंचते ही उन्हें भोटेकोशी बाढ़ से मची भयानक तबाही का अहसास हुआ। उन्होंने बताया कि आपदा में 130 से अधिक भारतीयों के लापता होने की रिपोर्ट है। इनमें कई मलयाली (केरल के निवासी) भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जो अपने प्रियजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं मौजूद होने की वजह से शशि थरूर ने इस मामले को तुरंत भारतीय राजदूत और नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हाई लेबल पर उठाया है। उन्होंने नोर्का-रूट्स द्वारा इकट्ठा किए गए और केरल मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा भेजे गए लापता मलयाली यात्रियों की जानकारी को नेपाली अधिकारियों और भारतीय दूतावास के साथ शेयर किया है। थरूर ने कहा कि जब तक हर एक व्यक्ति का पता नहीं चल जाता वे लगातार अपनी कोशिश जारी रखेंगे।
इसके साथ ही उन्होंने नेपाल में फंसे परिजनों से संपर्क न हो पाने की स्थिति में केरल के परिवारों के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर साझा किए हैं:
NORKA / केरल CMO: 9447111844 और 9747132147
भारतीय दूतावास, काठमांडू: +977 9851316807 और +977 9709107500 (व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध)
थरूर ने यह भी कहा कि जानकारी, अपडेट या सहायता के लिए लोग उनके कार्यालय को (@TharoorOffice) टैग करके पोस्ट कर सकते हैं ताकि कोआर्डिनेशन और फॉलो-अप में तेजी लाई जा सके।
नेपाल में मौतों का आंकड़ा 270 पहुंचा, 288 भारतीय नागरिक लापता
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में अचानक आए इस जलप्रलय में मरने वालों की संख्या बढ़कर 270 हो गई है। नेपाल पुलिस द्वारा 93 और शव बरामद किए जाने के बाद मौतों के इस आंकड़े की पुष्टि हुई है। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफ्ले के मुताबिक अब तक चितवन में 108, नवलपरासी पूर्व में 62, धाडिंग में 27, गोरखा में 20, रसुवा में 17, नवलपरासी पश्चिम में 15, नुवाकोट में 12 और तनहुं में 9 शव बरामद किए गए हैं।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने पुष्टि की है कि लापता हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि नेपाल बाढ़ में 288 भारतीय नागरिक लापता हैं जिनकी तलाश के लिए राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं।
हिमस्खलन बना तबाही की वजह, 800 से अधिक लोगों का रेस्क्यू
ऐसा माना जा रहा है कि यह विनाशकारी बाढ़ भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेन्दे के फ्लो में हिमस्खलन की वजह से पैदा हुई रुकावट के चलते आई है। पानी के अचानक तेज बहाव ने सबसे पहले रसुवागढ़ी के पास चीन सीमा से सटे टिमुरे इलाके को अपनी चपेट में लिया। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि प्रभावित इलाकों से घायल और फंसे हुए 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। सेना और बचाव दल युद्ध स्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।