Mumbai BMC Elections: शिवसेना नेता संजय राउत ने भाजपा-चुनाव आयोग की बैठक पर उठाए सवाल, मतदाता सूची और EVM में खामियों का लगाया आरोप

Mumbai BMC Elections: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शुक्रवार को मुंबई में चल रहे नगर निगम चुनावों में गंभीर खामियों को उजागर करते हुए मतदाताओं के नाम गायब होने और मतदान मशीनों के खराब होने का जिक्र किया।

अपडेटेड Jan 16, 2026 पर 12:46 PM
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शिवसेना नेता संजय राउत ने भाजपा-चुनाव आयोग की बैठक पर उठाए सवाल, मतदाता सूची और EVM में खामियों का लगाया आरोप

Mumbai BMC Elections: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शुक्रवार को मुंबई में चल रहे नगर निगम चुनावों में गंभीर खामियों को उजागर करते हुए मतदाताओं के नाम गायब होने और मतदान मशीनों के खराब होने का जिक्र किया। मीडिया से बात करते हुए राउत ने कहा, "मुंबई जैसे शहर में जो मतदान प्रणाली चल रही है, वह एक गंभीर मुद्दा है। हजारों लोगों के नाम, यहां तक ​​कि विधानसभा चुनावों में मतदान कर चुके लोगों के भी नाम, उन क्षेत्रों में गायब हैं जहां शिवसेना (यूबीटी), एमएनएस या कांग्रेस का दबदबा है। EVM मशीनें ठीक से काम नहीं कर रही हैं। चुनाव आयोग हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है।"

राउत ने आगे कहा कि हाल ही में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और चुनाव आयोग के कर्मचारियों के बीच एक बैठक हुई थी, जिसके समय पर उन्होंने सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, "जब आचार संहिता अभी भी लागू है, तो यह बैठक क्यों आयोजित की गई?"

राउत ने एक्जिट पोल की आलोचना की


उन्होंने मतदान के दौरान एग्जिट पोल जारी किए जाने की भी आलोचना की। राउत ने कहा, "एग्जिट पोल मतदान प्रतिशत घोषित होने से पहले ही आ गए। भाजपा ने अपनी जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया। हमने लोगों को आश्वस्त किया है कि वे डरें नहीं।"

शिवसेना (यूबीटी) नेता के ये बयान नगर निगम चुनावों में मतदाताओं की पहुंच और तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आए हैं, जहां कई पार्टियां मुंबई में चुनावी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की मांग कर रही हैं।

BJP, NCP और शिवसेना पैसे के लिए एक साथ आई

बता दें कि गुरुवार को पहले संजय राउत ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सिर्फ पैसे और सत्ता के लिए एक साथ आई हैं।

राउत ने कहा कि हाल के दिनों में मुंबई का राजनीतिक माहौल काफी बदल गया है, और मतदाता अपने मताधिकार के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि महायुति गठबंधन मराठी पहचान को प्राथमिकता नहीं देता, और यही कारण है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे मराठी हितों की रक्षा के लिए एक साथ आए हैं।

राउत ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "तीनों राजनीतिक दल सिर्फ सत्ता और धन के लिए एक साथ आए हैं; मराठी पहचान उनके एजेंडे का हिस्सा नहीं है। इसीलिए राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे मराठी हितों की रक्षा के लिए एक मंच पर एकजुट हुए हैं।"

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