सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग में बड़ा हादसा! भूस्खलन के बाद 7 मजदूरों की मौत, कई फंसे, गैस रिसाव से बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण

Sikkim Tunnel Collapse Latest Update: सिक्किम के नामची जिले में सोमवार 20 जुलाई की दोपहर हुए भूस्खलन के कारण सुरंग का एंट्री गेट पूरी तरह बंद हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूर बाहर नहीं निकल सके। हादसे के बाद शुरू किए गए राहत एवं बचाव अभियान को सुरंग के भीतर मीथेन गैस के रिसाव ने और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है

अपडेटेड Jul 21, 2026 पर 7:49 AM
Sikkim Tunnel Collapse Latest Update: कई बचावकर्मियों को सुरंग के अंदर चक्कर आने लगे और कुछ बेहोश भी हो गए

Sikkim Tunnel Collapse Latest Update: सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग (Samardung) क्षेत्र में निर्माणाधीन सुरंग में हुए दर्दनाक हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई मजदूर अभी भी सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका है। सोमवार 20 जुलाई की दोपहर हुए भूस्खलन के कारण सुरंग का एंट्री गेट पूरी तरह बंद हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूर बाहर नहीं निकल सके। हादसे के बाद शुरू किए गए राहत एवं बचाव अभियान को सुरंग के भीतर मीथेन गैस के रिसाव ने और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, गैस के प्रभाव के कारण कई बचावकर्मियों को सुरंग के अंदर चक्कर आने लगे और कुछ बेहोश भी हो गए, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन की रफ्तार प्रभावित हुई है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, जिला प्रशासन ने सात लोगों की मौत की पुष्टि कर दी है। मृतकों के शवों को सिंगतम जिला अस्पताल, गंगटोक स्थित एसटीएनएम अस्पताल और नामची जिला अस्पताल भेजा गया है।

नामची जिला प्रशासन, सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। वहीं, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, एनएचपीसी और अन्य विभागों की टीमें भी मौके पर तैनात हैं।


जिला कलेक्टर अनूप तमलिंग ने बताया कि सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों की सटीक संख्या का अभी सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मीथेन गैस, संकरी सुरंग और कम विजिबिलिटी के कारण बचाव अभियान लगातार कठिन होता जा रहा है। फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता सभी फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी।

27 मजदूर फंसे

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, निर्माणाधीन सड़क सुरंग का एंट्री गेट बंद हो गया, जिससे उसके भीतर कम से कम 27 मजदूर फंस गए। अधिकारियों के मुताबिक, भूस्खलन के कारण भूमिगत चट्टानों और भू-स्तरों में बदलाव आने से प्राकृतिक रूप से मीथेन गैस का रिसाव शुरू हुआ है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए घटनास्थल पर एंबुलेंस तैनात हैं। गैस मास्क सहित विशेष सुरक्षा उपकरणों से लैस बचाव दल लगातार सुरंग के भीतर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

तमलिंग ने कहा कि इस समय प्राथमिकता फंसे हुए मजदूरों को बचाना है, जिसके बाद घटना की विस्तृत जांच की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया है। जबकि गैस मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों से लैस बचावकर्मी फंसे हुए मजदूरों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं।

अब तक सात की मौत की पुष्टि

नामची में NHPC तीस्ता स्टेज VI प्रोजेक्ट की एक सुरंग दुर्घटना में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। शवों को पास के अस्पतालों में भेजा गया है। जबकि बचाव दल निर्माणाधीन सुरंग के अंदर फंसे हुए कर्मचारियों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि समरडुंग सुरंग में फंसे मजदूरों की सही संख्या की अभी भी पुष्टि की जा रही है। यह संख्या मौजूदा अनुमान से कम या ज्यादा हो सकती है। पुलिस ने बताया कि भूस्खलन के कारण समरदुंग सुरंग के अंदर संदिग्ध गैस रिसाव भी हुआ है।

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पुलिस ने बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि भूस्खलन के कारण भूमिगत परतों या चट्टानों की संरचना में हलचल होने से यह गैस प्राकृतिक रूप से निकल रही है। यह टनल NHPC के तीस्ता स्टेज VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के लिए पटेल इंजीनियरिंग द्वारा ADIT के हिस्से के तौर पर बनाई जा रही थी।

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