भारत अब भी दुनिया में हथियार खरीदने वाले देशों में दूसरे नंबर पर है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत अभी भी दुनिया के बड़े हथियार आयात करने वाले देशों में शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक हथियार आयात में भारत की हिस्सेदारी करीब 8.2 प्रतिशत है, जिससे वह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार खरिदार बन गया है।
इस दौरान यूक्रेन की हिस्सेदारी करीब 9.7 प्रतिशत रही।
भारत लगातार बढ़ा रहा अपनी सैन्य ताकत
SIPRI के आंकड़े यह भी बताते हैं कि भारत अब अलग-अलग देशों से हथियार खरीदने की रणनीति अपना रहा है। हालांकि रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर बना हुआ है और भारत के कुल हथियार आयात में उसका हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत है। वहीं फ्रांस करीब 29 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है। फ्रांस की हिस्सेदारी बढ़ने की बड़ी वजह राफेल फाइटर जेट जैसी बड़ी रक्षा डील हैं। भारत और फ्रांस भारतीय वायुसेना के लिए 114 और राफेल विमान खरीदने की योजना पर भी काम कर रहे हैं। इसलिए आने वाले समय में फ्रांस से भारत की रक्षा खरीद और बढ़ सकती है।
इजरायल और फ्रांस का भी नाम
इसके बाद इजरायल तीसरे स्थान पर है, जिसकी भारत के कुल हथियार आयात में करीब 15 प्रतिशत हिस्सेदारी है। हाल के वर्षों में भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग भी तेजी से बढ़ा है, खासकर मिसाइल, ड्रोन और निगरानी (सर्विलांस) सिस्टम के क्षेत्र में। भारत के हथियार आयात में अब फ्रांस और इजरायल की हिस्सेदारी बढ़ने से रूस की पहले जैसी मजबूत स्थिति कमजोर हुई है। SIPRI की पिछली रिपोर्टों के अनुसार, 2010 के दशक की शुरुआत में भारत के कुल हथियार आयात में रूस का हिस्सा 70 प्रतिशत से ज्यादा था, लेकिन समय के साथ यह लगातार घटता गया। इसकी वजह यह है कि भारत ने अब अलग-अलग देशों से रक्षा खरीद बढ़ाई है और कई नए देशों के साथ साझेदारी की है।
पाकिस्तान को लेकर आई ये रिपोर्ट
पाकिस्तान की सेना के हथियार अब ज्यादातर चीन से आते हैं। उसके लगभग 80 प्रतिशत हथियार चीन से आ रहे हैं। 2021-25 के दौरान पाकिस्तान दुनिया में बड़े हथियारों का पांचवां सबसे बड़ा आयातक बन गया, जबकि 2016-20 में वह दसवें स्थान पर था. इन दो अवधियों के बीच पाकिस्तान के हथियार आयात में 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और इसका हिस्सा कुल वैश्विक हथियार आयात का 4.2 प्रतिशत रहा।