Delhi SIR: राजधानी दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर शनिवार को एक बड़ी खबर सामने आई है। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के तहत नोटिस पाने वाले वोटर्स में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का नाम भी लिस्ट में सामने आया। आयोग ने बताया कि SIR प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ियों की लिस्ट में नाम आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया गया है। चुनाव आयोग ने दिल्ली में SIR के तहत जमा किए गए उनके एन्यूमरेशन फॉर्म की जानकारी में गड़बड़ियों के लिए नोटिस भेजा है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने ऐसे मतदाताओं की लिस्ट जारी की है, जिनके रिकॉर्ड में गड़बड़ी या पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं होने की बात सामने आई है। ये लिस्ट 31 अगस्त को जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के करीब तीन हफ्ते बाद जारी की गई। सीएम रेखा गुप्ता को भेजा गया नोटिस उनके और उनके माता-पिता की दर्ज उम्र में 15 साल से कम का अंतर होने से जुड़ा है। वहीं, अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, माता-पिता और बेटे पुलकित केजरीवाल के रिकॉर्ड पिछली SIR की वोटर लिस्ट से नहीं मिल पाए, इसलिए उन्हें भी नोटिस दिया गया है। इन नोटिस को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में रखा गया है—‘नो मैपिंग’ और ‘लॉजिकल गड़बड़ी’।
इन बड़े नेताओं के नाम भी शामिल
इस लिस्ट में राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल का नाम भी शामिल है। उनकी जानकारी पिछली SIR वोटर लिस्ट से मेल नहीं खाने पर उन्हें नोटिस दिया गया है। दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को भी नोटिस मिला है। उनकी पत्नी और भाई को नाम में अंतर पाए जाने के कारण नोटिस भेजा गया है। चुनाव अधिकारियों के पहले जारी आंकड़ों के मुताबिक, 13,79,785 मतदाताओं को ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में रखा गया है, जबकि 19,33,134 मतदाताओं के रिकॉर्ड में ‘तार्किक अंतर’ पाया गया है। हालांकि इन सभी मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल हैं, लेकिन उन्हें अपने रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ियों को दूर करने के लिए सुनवाई में शामिल होने को कहा गया है।
31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के मुताबिक, दिल्ली में वोटरों की संख्या घटकर 97,53,577 रह गई है। यह 30 जून को दर्ज 1,45,10,299 वोटरों के मुकाबले 32.8% कम है। वहीं, वोटरों की संख्या में बदलाव के बाद दिल्ली में पोलिंग स्टेशनों की संख्या बढ़कर 14,947 हो गई है, जबकि पहले 13,033 पोलिंग स्टेशन थे। यानी पोलिंग स्टेशनों में करीब 15% की बढ़ोतरी हुई है। चुनाव अधिकारियों ने सभी 70 विधानसभा सीटों के पोलिंग स्टेशनों की जानकारी भी जारी कर दी है।
अलग-अलग पोलिंग स्टेशनों के दस्तावेजों में एसआईआर के दौरान सामने आई कई तरह की गड़बड़ियों का पता चला है। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सरोजिनी नगर के एक पोलिंग स्टेशन पर 84 वोटरों के नाम जांच के लिए चिन्हित किए गए हैं। इनमें 37 वोटरों की जानकारी पिछली एसआईआर मतदाता सूची से नहीं मिल पाई। बाकी मामलों में नाम और अन्य रिकॉर्ड से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं।