Get App

राम मंदिर दान चोरी में बड़ा खुलासा! हर दिन 6 से 8 लाख रुपये के गबन का शक...SIT कर रहीं जांच

Ram Mandir Donation Case: जांच टीम ने ट्रस्ट और बैंक के बीच तय नियमों का पालन नहीं होने पर जवाब मांगा। अधिकारियों से पूछा गया कि तय प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया और अगर कोई गड़बड़ी दिख रही थी, तो इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई। जांचकर्ताओं ने यह सवाल भी उठाया कि मंदिर की सुरक्षा के लिए नियुक्त निजी सुरक्षा एजेंसी को दान की नकदी गिनने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी गई

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 04, 2026 पर 11:15 PM
राम मंदिर दान चोरी में बड़ा खुलासा! हर दिन 6 से 8 लाख रुपये के गबन का शक...SIT कर रहीं जांच
अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं।

अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच चढ़ावा चोरी को लेकर भी कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर में मिले दान में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का मानना है कि हर दिन करीब 6 लाख से 8 लाख रुपये का गबन हुआ हो सकता है। यह अनुमान पूछताछ के दौरान बैंक अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर लगाया गया है।

 हर दिन 6 से 8 लाख रुपये के गबन का शक

रिपोर्ट के अनुसार, बैंक अधिकारियों ने जांच टीम को बताया कि कथित गड़बड़ी सामने आने से पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खातों में रोजाना करीब 16 से 18 लाख रुपये जमा होते थे। रिपोर्ट के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद मंदिर के बैंक खातों में रोजाना जमा होने वाली दान की रकम बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसी अंतर के आधार पर जांच टीम का अनुमान है कि पहले हर दिन करीब 6 से 8 लाख रुपये के दान में गड़बड़ी हो रही थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि शुक्रवार को एसआईटी ने बैंक अधिकारियों और मंदिर के दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की।

जांच टीम ने ट्रस्ट और बैंक के बीच तय नियमों का पालन नहीं होने पर जवाब मांगा। अधिकारियों से पूछा गया कि तय प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया और अगर कोई गड़बड़ी दिख रही थी, तो इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई। जांचकर्ताओं ने यह सवाल भी उठाया कि मंदिर की सुरक्षा के लिए नियुक्त निजी सुरक्षा एजेंसी को दान की नकदी गिनने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी गई।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें