'सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं...', हाईकोर्ट पहुंची सोनम वांगचुक की पत्नी, कर दी ये बड़ी मांग

गीतांजलि आंग्मो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि अब उन्हें सरकारी अस्पताल पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक की पोटैशियम जांच रिपोर्ट में गंभीर गड़बड़ी हुई है। उनके मुताबिक, अस्पताल ने परिवार को बताया कि वांगचुक का पोटैशियम स्तर घटकर 2.9 रह गया है, जिसे डॉक्टरों ने खतरनाक बताया। लेकिन परिवार की ओर से कराई गई एक स्वतंत्र लैब जांच में पोटैशियम का स्तर 3.5 आया

अपडेटेड Jul 19, 2026 पर 1:27 PM
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की पत्नी ने उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने की मांग की है।

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की पत्नी ने उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने की मांग की है। पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। आंगमो का कहना है कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं है। बता दें कि, सोनम वांगचुक पिछले तीन सप्ताह से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर उन्हें इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पत्नी ने लगाए ये आरोप 

गीतांजलि आंग्मो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि अब उन्हें सरकारी अस्पताल पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक की पोटैशियम जांच रिपोर्ट में गंभीर गड़बड़ी हुई है। उनके मुताबिक, अस्पताल ने परिवार को बताया कि वांगचुक का पोटैशियम स्तर घटकर 2.9 रह गया है, जिसे डॉक्टरों ने खतरनाक बताया। लेकिन परिवार की ओर से कराई गई एक स्वतंत्र लैब जांच में पोटैशियम का स्तर 3.5 आया, जिसे उन्होंने सामान्य सीमा में बताया। इसी वजह से परिवार ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है।


सफदरजंग अस्पताल बोला- वांगचुक की हालत स्थिर

सफदरजंग अस्पताल का कहना है कि सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है और वह पूरी तरह होश में हैं। हालांकि, उनमें शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टरों की सलाह के बावजूद वांगचुक ने कई बार मुंह से तरल पदार्थ पीने और नसों के जरिए फ्लूइड (IV) लेने से इनकार किया है।

प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने की मांग

वहीं, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने या किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति नहीं दी। उनका यह भी दावा है कि अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण परिवार के लोगों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदी लगी हुई है। उन्होंने इस स्थिति को "गैर-कानूनी हिरासत" बताया। आंग्मो ने कहा कि परिवार ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है ताकि वांगचुक की तबीयत और बिगड़ने से पहले उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वांगचुक की सेहत को कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए अस्पताल प्रशासन और सरकार जिम्मेदार होगी।

वांगचुक ने समर्थकों से संसद मार्च में शामिल होने की अपील की

शनिवार को गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि उनकी अनुमति के बिना सोनम वांगचुक को कोई दवा या फ्लूइड (तरल पदार्थ) नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक की सेहत पर नजर रखने वाले डॉक्टरों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। वहीं, आंग्मो की ओर से साझा किए गए एक संदेश में सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने इस अभियान को "भारत का दूसरा आजादी का आंदोलन" बताया और लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने का आग्रह किया।

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