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Stray Dogs Case Verdict: क्या दिल्ली की सड़कों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते? सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश

Stray Dogs Case: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (19 मई) को अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों आदि जैसे सार्वजनिक संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने नवंबर 2025 के आदेश में संशोधन करने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि सम्मान के साथ जीवन जीने के अधिकार में कुत्तों के हमलों से भयमुक्त होकर स्वतंत्र रूप से जीवन जीने का अधिकार भी शामिल है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड May 19, 2026 पर 12:21 PM
Stray Dogs Case Verdict: क्या दिल्ली की सड़कों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते? सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश
Stray Dogs Case: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कुत्ते के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

Stray Dogs Case Verdict: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी से संबंधित अपने नवंबर, 2025 के आदेश में संशोधन या उसे वापस लेने की मांग करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार (19 मई) को कहा कि सम्मान के साथ जीवन जीने के अधिकार में कुत्तों के हमलों से भयमुक्त होकर स्वतंत्र रूप से जीवन जीने का अधिकार भी शामिल है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को शेल्टर में भेजने के आदेश को वापस लेने से इनकार कर दिया।

इसकी जानकारी देते हुए वकील विवेक शर्मा ने कहा, "आवारा कुत्तों के मामले पर बहुत महत्वपूर्ण फैसला आया है। एक अच्छा कदम है। आर्टिकल 21 में यह बहुत जरूरी माना गया है कि बुजुर्गों और बच्चों का बिना किसी के डर के कहीं भी जाना महत्वपूर्ण है। यह बताया गया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में डॉग बाइट के केस हुए हैं। समाज में लोग बिना किसी डर के रह सके इसलिए हम इन चीज़ों को सुनिश्चित कर रहे हैं। यह सही दिशा में लिया गया कदम है। ABC प्रोग्राम को लागू करने की बात की गई है।"

सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस आदेश में बदलाव करने से इनकार कर दिया, जिसमें स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं जैसे संस्थागत क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश दिया गया था। साथ ही, कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि उन क्षेत्रों में कुत्तों को वापस छोड़ने के खिलाफ दिया गया निर्देश लागू रहेगा। इस आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों से बढ़ते खतरे का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य इस संकट का 'मूक दर्शक' बनकर नहीं रह सकता।

एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों को स्कूलों और अस्पतालों के लिए जारी निर्देशों को अन्य सार्वजनिक स्थानों तक भी विस्तारित करने पर एक "सोच-समझकर और तर्कसंगत निर्णय" लेना चाहिए। इसका उद्देश्य आम जनता के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना हो। कोर्ट ने आगे कहा कि ऐसे निर्णयों को समय-सीमा के भीतर लागू किया जाना चाहिए।

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