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सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2026 का ऐलान, ले. कर्नल सीता अशोक और SSDMA को मिला सम्मान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ये पुरस्कार हर साल नेता जी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर दी जाती है। इस बार ये पुरस्कार, लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के और सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) को उनके अमूल्य योगदान के लिए ये सम्मान दिया गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 23, 2026 पर 9:16 PM
सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2026 का ऐलान, ले. कर्नल सीता अशोक और SSDMA को मिला सम्मान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ये पुरस्कार हर साल नेता जी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर दी जाती है।

भारत सरकार ने शुक्रवार को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए दिए जाने वाले सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार का ऐलान किया। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ये पुरस्कार हर साल नेता जी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर दी जाती है। इस बार ये पुरस्कार, लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के और सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) को उनके अमूल्य योगदान के लिए ये सम्मान दिया गया है।

लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के

बता दें कि, लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के को सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार व्यक्तिगत श्रेणी में चुना गया है। बता दें कि, लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के भारतीय सेना की इंजीनियरिंग सेवा में रहते हुए आपदा जोखिम को कम करने का अहम काम कर रही हैं। वह कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स की तकनीकी क्षमता का इस्तेमाल करके दूर-दराज और आपदा-प्रभावित इलाकों में तेजी से पुल, पहुंच मार्ग और अस्थायी आश्रय बनवाती हैं। इससे राहत और बचाव कार्य समय पर और बेहतर तरीके से हो पाते हैं। उनका काम दिखाता है कि ज़मीनी स्तर पर मजबूत नेतृत्व और ऑपरेशनल आपदा प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के ने ऑपरेशन मदद 2024 के दौरान अपनी बेहतरीन इंजीनियरिंग और नेतृत्व क्षमता का शानदार उदाहरण पेश किया। 2024 में भूस्खलन के बाद वायनाड के चूरलमाला इलाके में उन्होंने 190 फीट लंबे बेली ब्रिज और 100 फीट के फुटब्रिज के तेजी से निर्माण का नेतृत्व किया। उन्होंने चूरलमाला में 190 फीट के बेली ब्रिज का काम खुद निगरानी में पूरा कराया, ताकि बाढ़ से टूटी सड़क कनेक्टिविटी 72 घंटे के भीतर दोबारा बहाल हो सके। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अनुसार, बेहद कठिन हालात में रिकॉर्ड समय में यह काम पूरा कर उनकी टीम ने जरूरी संपर्क बहाल किया, कई जानें बचाईं और राहत कार्यों को आसान बनाया।

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