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राम मंदिर चंदा चोरी मामला : SIT को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, जानें यूपी सरकार से क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट ने जांच को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) में कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालतों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। राम मंदिर चढ़ावा और दान चोरी मामले में SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दी है।

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Jul 20, 2026 पर 4:16 PM
राम मंदिर चंदा चोरी मामला : SIT को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, जानें यूपी सरकार से क्या कहा
Ram Mandir Chadawa Chori Case: अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी मामले में आज सुप्रीम कोर्ट मे बड़ी सुनवाई हुई।

सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि गबन मामले पर सोमवार को सुनवाई हुई। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अदालत में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि मामले में जांच जारी है और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है। अब तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से कहा है कि वे यूपी सरकार से पूछकर बताएं कि क्या राम मंदिर दान मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT का पुनर्गठन किया जा सकता है। CJI सूर्य कांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट चाहेगा कि इस जांच का नेतृत्व कोई ऐसा सीनियर IPS अधिकारी करे, जिसे इस तरह की जांच करने का अनुभव हो।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने जांच को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) में कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालतों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। राम मंदिर चढ़ावा और दान चोरी मामले में SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दी है। सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम यानी एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में दी है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में आगे की सुनवाई जारी है।

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