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पार्श्वनाथ के होमबायर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत! जानें किन खरीदारों की हो सकेगी फ्लैट रजिस्ट्री

Supreme Court On Parsvnath: सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ होमबायर्स मामले में पजेशन पा चुके खरीदारों के पक्ष में कन्वेयंस डीड जारी करने और बिजली बिल व सैलरी भुगतान के लिए बैंक खातों पर लगी रोक में ढील दी है।

shankar anandअपडेटेड Nov 05, 2026 पर 4:14 PM
पार्श्वनाथ के होमबायर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत! जानें किन खरीदारों की हो सकेगी फ्लैट रजिस्ट्री
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से जहां एक तरफ पजेशन पा चुके खरीदारों के नाम रजिस्ट्री होने का रास्ता साफ हो गया है, वहीं दूसरी तरफ सोसाइटी के रख-रखाव और दैनिक कामकाज में आ रही बिजली और कर्मचारियों के बकाये की रुकावट भी दूर हो सकेगी।

Supreme Court On Parsvnath: पार्श्वनाथ डेवलपर्स के प्रोजेक्ट्स में अपने सपनों के घर का इंतजार कर रहे हजारों खरीदारों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने पार्श्वनाथ होमबायर्स मामले की सुनवाई करते हुए एक अहम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने उन सभी घर खरीदारों के पक्ष में कन्वेयंस डीड (रजिस्ट्री या मालिकाना हक का ट्रांसफर) करने की इजाजत दे दी है नके फ्लैट का काम पूरा हो चुका है और जिन्हें पजेशन (कब्जा) भी मिल चुका है।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के फ्रीज (बैंक खातों पर रोक) पड़े खातों से बिजली के बिल भरने और कर्मचारियों की रुकी हुई सैलरी देने के लिए भी सीमित राहत प्रदान की है।

किन घर खरीदारों को मिलेगी रजिस्ट्री की इजाजत?

सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश से उन लोगों को सीधा फायदा मिलेगा जो सालों से अपने घर की रजिस्ट्री के लिए भटक रहे थे। प्रोजेक्ट्स का निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है और जहां खरीदारों को फ्लैट का कब्जा सौंपा जा चुका है, उनके नाम अब आधिकारिक तौर पर कन्वेयंस डीड जारी हो सकेगी। अदालत ने साफ कहा है कि इस प्रक्रिया के तहत सभी फ्लैट आवंटनों का वेरिफिकेशन करना अनिवार्य होगा। कोर्ट ने यह सख्त हिदायत भी दी है कि इस आदेश की आड़ में किसी भी तरह से नए तीसरे पक्ष को अधिकार नहीं दिए जा सकेंगे।

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