पश्चिम बंगाल में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ी सियासी हलचल दिखाई दे रही है। सुवेंदु अधिकारी एक बार फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं। इस बार बीजेपी ने उन्हें भवानीपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। हालांकि यह मुकाबला अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है, क्योंकि TMC ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी नहीं की है। फिलहाल भवानीपुर सीट से मौजूदा विधायक ममता बनर्जी ही हैं और माना जा रहा है कि यहां बड़ा और दिलचस्प चुनावी मुकाबला देखने को मिल सकता है।
सीएम पद के दावेदार हुए सुवेंदु!
आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर साफ कर दिया है कि वह भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में TMC को सीधी चुनौती देना चाहती है। इसी वजह से पार्टी ने यहां से सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है। सूत्रों के अनुसार बीजेपी की रणनीति मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर राजनीतिक रूप से घेरने की है। यह इलाका मिली-जुली आबादी वाला है और कई वार्डों में बीजेपी की मजबूत पकड़ मानी जाती है, जहां पार्टी को पिछले चुनावों में बढ़त भी मिली थी। सुवेंदु अधिकारी के भवानीपुर सीट से चुनावी मैदान में उतरने क बाद यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अधिकारी राज्य में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि पार्टी आमतौर पर मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा आखिरी समय में करती है, लेकिन इस कदम से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ माने जाने वाले भवानीपुर में एक हाई-वोल्टेज चुनावी मुकाबले की स्थिति बन गई है।
TMC के लिए अहम है भवानीपुर
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर के साथ-साथ नंदीग्राम विधानसभा से भी उम्मीदवार बनाया है। नंदीग्राम वही क्षेत्र है, जहां से TMC के उभार की शुरुआत मानी जाती है। अगर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लड़ती हैं, तो दोनों नेताओं के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है, जिसकी चर्चा पहले से ही राजनीतिक गलियारों में हो रही है। याद दिला दें कि 2021 बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से ही सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार बीजेपी ने अधिकारी को उनके मजबूत क्षेत्र में उतारकर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अधिकारी राज्य में बीजेपी के सबसे चर्चित नेताओं में से एक हैं और वह अक्सर नंदीग्राम विधानसभा में 2021 के चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अपनी जीत का जिक्र करते रहते हैं। ऐसे में बीजेपी उन्हें भवानीपुर से उतारकर यह दिखाना चाहती है कि वह मुख्यमंत्री के साथ सीधे मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है और उनके मजबूत राजनीतिक क्षेत्र में ही चुनौती देना चाहती है।
भवानीपुर सीट को कोलकाता का एक कॉस्मोपॉलिटन यानी विविध संस्कृति वाला इलाका माना जाता है। कई वार्डों में भारतीय जनता पार्टीको पिछले कुछ संसदीय चुनावों में बढ़त भी मिली है। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि ये इलाके विधानसभा चुनाव में आगे बढ़ने के लिए मजबूत आधार बन सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी TMC की सबसे प्रमुख प्रचारक हैं। बीजेपी नेताओं का मानना है कि अगर उन्हें भवानीपुर सीट को बचाने में ज्यादा समय देना पड़ा, तो इससे पूरे राज्य में बड़े स्तर पर प्रचार करने की उनकी क्षमता सीमित हो सकती है।