पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की “Detect, Delete and Deport” नीति का असर अब बॉर्डर इलाकों में दिखने लगा है। उत्तर 24 परगना के हाकिमपुर बॉर्डर चेकपोस्ट पर बड़ी संख्या में कथित बांग्लादेशी नागरिक जमा हो रहे हैं। इन लोगों को डर है कि अब अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 मई से लगातार लोग हाकिमपुर बॉर्डर पहुंच रहे हैं, ताकि वापस बांग्लादेश जा सकें। कई लोगों को जांच के लिए सरकार की तरफ से बनाए गए होल्डिंग सेंटर में भेजा गया है, जहां उनके दस्तावेज और नागरिकता की जांच की जा रही है।
हाकिमपुर बॉर्डर पर पहले भी ऐसे हालात देखे गए थे, खासकर चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान। लेकिन इस बार माहौल ज्यादा सख्त नजर आया। कई परिवार अधूरी और खाली पड़ी इमारतों में अस्थायी रूप से रह रहे हैं।
कई लोगों ने दावा किया कि उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर आईडी जैसे भारतीय दस्तावेज हैं और ये उन्हें स्थानीय TMC नेताओं की मदद से मिले थे।
खुलना की रहने वाली रूबी बीवी ने दावा किया कि वह डुम डुम में रहती और काम करती थी। उसके मुताबिक, “TMC नेताओं ने हमारे आधार और राशन कार्ड बनवाए थे। उन्होंने कहा था कि कुछ नहीं होगा। लेकिन अब सरकार बदल गई है और कहा जा रहा है कि बांग्लादेशियों को यहां रहने नहीं दिया जाएगा।”
जशोर के संतु मोल्लाह ने आरोप लगाया कि स्थानीय नेताओं ने उनके वोटर कार्ड बनवाए थे और उन्होंने चुनाव में वोट भी दिया। उनका कहना है कि इस बार उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया।
एक अन्य व्यक्ति फरद शेख ने भी दावा किया कि उन्हें वोटर कार्ड बनवाने में टीएमसी की मदद मिली थी।
कुछ लोगों ने यह भी माना कि उन्होंने दलालों को पैसे देकर अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किया था। जशोर के अक्तारुल मोल्लाह ने कहा कि उसने चार साल पहले 10 हजार रुपये देकर सीमा पार की थी और डुम डुम में पेंटर का काम करता था।
बीजेपी लंबे समय से TMC पर आरोप लगाती रही है कि पार्टी कथित घुसपैठियों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती है। अब हाकिमपुर में सामने आए इन दावों से बंगाल की राजनीति में घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों का मुद्दा फिर गरमा सकता है।
स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल 200 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों को हाकिमपुर इलाके के होल्डिंग सेंटर में रखा गया है और आगे कानूनी प्रक्रिया के तहत डिपोर्टेशन की कार्रवाई की जा सकती है।