TCS नासिक में लड़कियों के यौन शोषण के आरोपी शफी शेख के साथ जेल में ये क्या हो गया!

TCS Nashik Conversion: आज इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में हुई। इस दौरान शफी शेख और रजा मेमन को कोर्ट में पेश किया गया। दोनों आरोपी धार्मांतरण से जुड़े मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। अब कोर्ट इस मामले में जल्द ही अपना फैसला सुना सकता है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं

अपडेटेड Apr 16, 2026 पर 5:51 PM
TCS नासिक में लड़कियों के यौन शोषण के आरोपी शफी शेख के साथ जेल में ये क्या हो गया!

TCS नासिक धर्मांतरण मामले एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में एक आरोपी शफी शेक ने कोर्ट में बताया कि उसके साथ जेल में मारपीट हुई। आरोपी ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया कि नासिक रोड जेल में उसके साथ मारपीट हुई है। आज इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में हुई। इस दौरान शफी शेख और रजा मेमन को कोर्ट में पेश किया गया।

News18 की अनन्या गुप्ता ने बताया कि आरोपी धार्मांतरण से जुड़े मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। अब कोर्ट इस मामले में जल्द ही अपना फैसला सुना सकता है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

यह मामला टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक स्थित BPO यूनिट में महिला और पुरुष कर्मचारियों के साथ हुए यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयासों से जुड़ा है।


इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला कर्मचारी ने मार्च 2026 के अंत में नासिक के देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप था कि उसके एक सहकर्मी ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया।

पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो कई अन्य महिला कर्मचारी भी सामने आईं। उन्होंने बताया कि यह शोषण 2022 से चल रहा था और बार-बार शिकायत करने के बावजूद कंपनी के HR डिपार्टमेंट ने कोई कार्रवाई नहीं की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक पुलिस ने छह महिला कांस्टेबलों को अंडरकवर (कर्मचारी बनकर) ऑफिस में तैनात किया, जिससे इस पूरे "संगठित रैकेट" का पर्दाफाश हुआ।

यौन उत्पीड़न से लेकर धर्म परिवर्तन तक!

जांच के दौरान अब तक कुल 9 FIR दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

यौन उत्पीड़न: महिला कर्मचारियों के साथ छेड़छाड़, अश्लील कमेंट्स और सीनियर्स पद का दुरुपयोग कर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव।

जबरन धर्म परिवर्तन: आरोप है कि कर्मचारियों पर इस्लाम अपनाने, नमाज पढ़ने और कलमा पढ़ने का दबाव बनाया जाता था। एक पीड़ित ने दावा किया कि उसके पिता की बीमारी के समय उसे कहा गया कि धर्म परिवर्तन से वे ठीक हो जाएंगे।

धार्मिक भावनाओं को आहत करना: हिंदू देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना और जबरदस्ती मांसाहार (बीफ) खिलाने की कोशिश करना।

संगठित गैंग: पुलिस के अनुसार, आरोपी एक संगठित गैंग की तरह काम करते थे, जो नई महिला कर्मचारियों को निशाना बनाते थे।

कौन और कितने हैं आरोपी?

इस मामले में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और कुल 9 लोगों पर नामजद FIR है।

दानिश शेख को इसमें मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है, जिसने नौकरी दिलाने के बहाने पीड़िता को फंसाया। दूसरा नाम निदा खान का है, जो ऑपरेशन मैनेजर/HR के रूप में काम कर रही थी। आरोप है कि इसने शिकायतों को दबाया और पीड़ितों को धमकाया। फिलहाल यह फरार बताई जा रही हैं। तौसीफ अत्तार भी इस मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

अन्य गिरफ्तार आरोपी:

  • रजा मेमन
  • शाहरुख कुरैशी
  • शफी शेख
  • आसिफ आफताब अनसार
  • शाहरुख शेख
  • अश्विनी चैनानी (पुणे स्थित अधिकारी, जिन पर शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप है)

उधर TCS कंपनी ने सभी आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और आंतरिक जांच शुरू की है।

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