बिहार की राजधानी पटना में हुए 25 जुलाई को हुए छात्रों के प्रदर्शन में जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। तेज प्रताप यादव को राजधानी पटना के सिटी सेंट्रल मॉल से पुलिस ने गिरफ्तार किया और फिर वहीं से उन्हें अपने साथ ले गई।
पटना से लिया गया हिरासत में
PTI आई की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी पटना में कथित नीट पेपर लीक के विरोध में 'बिहार बंद' के दौरान प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी बीच पुलिस ने तेज प्रताप यादव को शहर के एक शॉपिंग मॉल से हिरासत में लिया। सिटी एसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच सरकारी वाहन से अपने साथ ले गई।
पुलिस ने नहीं दी कोई जानकारी
हालांकि, पटना पुलिस ने तेज प्रताप यादव को हिरासत में लेने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इससे पहले दिन में तेज प्रताप गांधी मैदान के पास राम गुलाम चौक पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारी कथित नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। इस दौरान भी पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया था।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कही थी ये बात
इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बहुत पहले ही पद छोड़ देना चाहिए था। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, "बीजेपी दफ्तर में मिठाइयां बांटी जानी चाहिए। यह इस्तीफा काफी पहले हो जाना चाहिए था। लेकिन सिर्फ इस्तीफे से युवाओं की समस्याएं खत्म नहीं होंगी।"
तेज प्रताप यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से अलग होने के बाद अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कॉकरोच पीपल्स पार्टी (सीपीपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके से बिहार आने की अपील की। उन्होंने लिखा, "मैं अभिजीत दीपके से विशेष अनुरोध करता हूं कि वे जल्द से जल्द बिहार आएं।" यह अपील ऐसे समय में आई, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली में चल रहा अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने का ऐलान किया।