कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत के पर्यटन क्षेत्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) के मामले में भारत से आगे होने के बावजूद थाईलैंड विदेशी पर्यटकों के लिए भारत से सस्ता पड़ता है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत के पर्यटन क्षेत्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) के मामले में भारत से आगे होने के बावजूद थाईलैंड विदेशी पर्यटकों के लिए भारत से सस्ता पड़ता है।
थाईलैंड में भारतीय समुदाय के लोगों के साथ बातचीत के दौरान थरूर ने कहा कि अगर भारत को एशिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों से मुकाबला करना है, तो उसे कई बुनियादी समस्याओं को दूर करना होगा।
थरूर ने कहा कि आमतौर पर विदेशी पर्यटकों को थाईलैंड की यात्रा भारत के मुकाबले सस्ती पड़ती है। उन्होंने कहा कि यह एक तरह का विरोधाभास है क्योंकि थाईलैंड की प्रति व्यक्ति आय भारत से ज्यादा है।
उनके मुताबिक, आर्थिक स्थिति को देखते हुए भारत को थाईलैंड से ज्यादा किफायती पर्यटन स्थल होना चाहिए था, लेकिन हकीकत इसके उलट है।
पर्यटकों की संख्या में भी बड़ा अंतर
थरूर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2024 में भारत में करीब 99.5 लाख विदेशी पर्यटक आए, जबकि थाईलैंड में 3.55 करोड़ से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पर्यटक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक अकेले एक महीने में जितने पर्यटकों को आकर्षित कर लेती है, उतने पर्यटक भारत को पूरे साल में मिलते हैं।
सिर्फ विज्ञापन से नहीं बढ़ेगा पर्यटन
थरूर ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केवल सरकारी प्रचार अभियान काफी नहीं हैं। हालांकि उन्होंने अमिताभ कांत द्वारा शुरू किए गए Incredible India अभियान की तारीफ की, लेकिन उनका मानना है कि पर्यटन को बढ़ावा देने में प्राइवेट सेक्टर की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि टूर ऑपरेटर, ट्रैवल कंपनियां और होटल उद्योग को विदेशों में जाकर भारत को बेहतर तरीके से प्रमोट करना चाहिए और आकर्षक ट्रैवल पैकेज पेश करने चाहिए।
साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
थरूर का मानना है कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी पर्यटन स्थलों पर बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि सड़क व्यवस्था, सफाई, कचरा प्रबंधन, अतिक्रमण, भीख मांगने की समस्या और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
उनके अनुसार, अगर भारत को दुनिया के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल होना है, तो केवल प्रचार नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव जरूरी हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
थरूर के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने कहा कि सिर्फ सस्ती यात्रा ही मुद्दा नहीं है, बल्कि साफ-सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था और पर्यटकों के प्रति व्यवहार जैसे पहलुओं पर भी सुधार की जरूरत है।
कुछ लोगों ने कहा कि अगर शहर और सार्वजनिक स्थान स्थानीय लोगों के लिए बेहतर बनेंगे, तो विदेशी पर्यटक अपने आप आकर्षित होंगे।
वहीं कई यूजर्स ने थरूर की बात से सहमति जताते हुए कहा कि थाईलैंड न सिर्फ सस्ता है, बल्कि वहां सफाई, ट्रैफिक अनुशासन और पर्यटकों के लिए सुविधाएं भी बेहतर हैं।
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