हैवी रेन की रेड वॉर्निंग: IMD ने इन 16 राज्यों में भयंकर बारिश का अलर्ट दिया पर दिल्ली-यूपी को राहत नहीं! ये 6 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव
India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर अपना वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में 1 कम दबाव का क्षेत्र और 6 बड़े चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) एक्टिव हैं।
IMD ने इन 16 राज्यों में जारी किया भयंकर बारिश का अलर्ट
India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर अपना वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में 1 कम दबाव का क्षेत्र और 6 बड़े चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) एक्टिव हैं। इन खतरनाक वेदर सिस्टम्स की वजह से ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग जारी की गई है। इसके साथ देश के 16 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। इस भारी वेदर सिस्टम के बीच दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को फिलहाल बारिश से कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है और यहां के निवासियों को पसीने छुड़ाने वाली उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
देखें वेदर रिपोर्ट
6 चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे तबाही
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय वायुमंडल में एक साथ कई प्रणालियां काम कर रही हैं:
लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र): उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में मजबूती से टिका हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र समुद्र तल से 716 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान और अधिक मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल की तरफ बढ़ने की संभावना है।
6 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण
उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।
उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम अब 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैल गया है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ही 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक और उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
उत्तरी बिहार और उसके आस-पास के इलाके में 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
इसके अलावा पूर्वी असम (1.5 किमी) और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान (3.1 किमी) के ऊपर भी चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हैं।
मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ: मानसून की ट्रफ लाइन इस समय अमृतसर, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होकर गुजर रही है। 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देने वाला है।
इन 16 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बारिश की तीव्रता के आधार पर राज्यों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से भी ज्यादा यानी अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।
इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश
गांगेय पश्चिम बंगाल
छत्तीसगढ़
अरुणाचल प्रदेश
भारी बारिश का अलर्ट
देश के इन 12 राज्यों/क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है-
बिहार और झारखंड
उत्तराखंड
असम और मेघालय
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
तटीय आंध्र प्रदेश
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा
आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में काफी तेज सतही हवाएं चलेंगी।
दिल्ली-यूपी को राहत नहीं: उमस भरी गर्मी और लू का प्रकोप
इतने राज्यों में हो रही भारी बारिश के बावजूद दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को अत्यधिक गर्म और उमस भरा मौसम परेशान करेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी के साथ लू चलने की स्थिति बनी रहेगी।
समुद्र में हाई अलर्ट: मछुआरों के लिए चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर सिस्टम के कारण समुद्र के भीतर हालात बेहद खराब हैं। ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे से लेकर 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा दक्षिण श्रीलंका, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में हवा की रफ्तार 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।
पश्चिम-मध्य, उत्तर, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों के साथ सोमालिया और ओमान के तटों पर 45-55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की रफ्तार से खतरनाक हवाएं चलने की आशंका है। आईएमडी ने मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।