Suren Daimari: कौन हैं सुरेन डाइमरी? जिन्होंने मतदान से ठीक पहले कांग्रेस से दिया इस्तीफा
Suren Daimari: असम विधानसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले उदलगुरी से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेन डाइमरी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसके लिए पार्टी नेतृत्व का समर्थन न मिलने और "धोखा" दिए जाने की बात कही है।
'पार्टी ने गद्दारी की और पीठ में छुरा घोंपा'; कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद बोले सुरेन डाइमरी
Suren Daimari: असम विधानसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले उदलगुरी से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेन डाइमरी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसके लिए पार्टी नेतृत्व का समर्थन न मिलने और "धोखा" दिए जाने की बात कही है। हालांकि, कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने अभी तक पार्टी को अपना त्यागपत्र नहीं सौंपा है।
निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुरेन डाइमरी का नाम EVM में रहेगा और लोग उनके लिए वोट कर सकते हैं, क्योंकि नामांकन वापस लेने की समय सीमा काफी पहले ही बीत चुकी है।
कांग्रेस प्रवक्ता बेदब्रत बोरा ने PTI को बताया कि डाइमरी ने मीडिया के सामने अपने फैसले की घोषणा की और लेकिन उन्होंने अब तक पार्टी को अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है।
वहीं, इससे पहले डाइमरी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है और चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया है। उन्होंने पार्टी के कामकाज को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “कांग्रेस एक धोखेबाज पार्टी है। उन्होंने मेरे साथ धोखा किया। मुझे टिकट देने के बाद भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। मैंने कई बार फोन किया, लेकिन जवाब नहीं दिया।”
पार्टी नेतृत्व में सहयोगी कमी
सुरेन डाइमरी ने आगे कहा कि “पार्टी नेतृत्व की ओर से सहयोग की कमी ने उन्हें पद छोड़ने के लिए विवश किया। मुझे कोई समर्थन नहीं मिला, इसीलिए मैंने पार्टी से नाता तोड़ लिया।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने “गद्दारी” की है और उनके “पीठ में छुरा घोंपा” है।
उन्होंने कहा कि “पार्टी ने टिकट देने के बाद उन्हें ठीक से जवाब नहीं दिया। जब मैं वरिष्ठ नेताओं को फोन करता हूं, तो वे जवाब नहीं देते।” डाइमरी के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार का संगठनात्मक समर्थन नहीं मिला।
कांग्रेस पर 'तुष्टीकरण की राजनीति' का लगा आरोप
डाइमरी ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी कुछ खास समुदायों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हालांकि, उन्होंने अपने दावे को साबित करने के लिए कोई और जानकारी नहीं दी।
मीडिया से बातचीत के दौरान, डाइमरी ने अपने आरोपों पर और अधिक विस्तार से जानकारी देने पर इनकार कर दिया और पत्रकारों के अतिरिक्त सवालों का जवाब दिए बिना चले गए।
कांग्रेस ने भाजपा पर हस्तक्षेप का आरोप लगाया
उदलगुरी में हुए इस घटनाक्रम ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़ा दिया है। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता दीप बयान ने आरोप लगाया कि भाजपा उम्मीदवारों को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।
मीडिया से बात करते हुए दीप बयान ने कहा, पिछले 10 सालों से सत्ता में रही बीजेपी सरकार का जनसमर्थन कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा राज्य के बदलते राजनीतिक माहौल से भलीभांति परिचित हैं।
उन्होंने आगे कहा कि नेताओं को खरीदने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे पार्टी पर, पार्टी के प्रदर्शन पर और पार्टी के नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दीप बयान के अनुसार, कांग्रेस को अभी भी पूरे राज्य में जनता का पूर्ण समर्थन प्राप्त है।
कांग्रेस के नेताओं को अच्छा जनसमर्थन मिल रहा है
दीप बयान ने बताया कि गौरव गोगोई, अखिल गोगोई और लुरिंज्योति गोगोई सहित बड़े नेताओं को अच्छा जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने व्यक्तिगत लाभ के लिए पार्टी छोड़ने वालों की आलोचना की और कहा कि राजनीति में विचारधारा ही मार्गदर्शक सिद्धांत होनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे हालातों के देखते हुए पार्टी भविष्य में उम्मीदवारों के चयन में अधिक सावधानी बरतेगी। उन्होंने कहा, "जनता अपने वोट के जरिए जवाब देगी। हमें पूरा भरोसा है कि असम के लोग बड़ी संख्या में कांग्रेस का समर्थन करेंगे और हम सरकार बनाएंगे।"
मतगणना 4 मई को
बता दें कि असम में आज 126 सीटों के लिए मतदान जारी है और वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
कौन हैं सुरेन डाइमरी?
73 वर्षीय सुरने डाइमरी 2026 के असम विधानसभा चुनाव में उदलुगुरी (ST) निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार थे। उनका मुकाबला यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के उम्मीदवार दिपेन बोरो और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के उम्मीदवार रिहोन दैमरी से था। लेकिन पार्टी से इस्तीफ देने के बाद उदलगुरी में अब मुकाबला UPPL और BPF के बीच होगा।