पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में अपनी पहली सरकार बनाने की तैयारी पूरी कर ली है और सुवेंदु अधिकारी के नाम पर मुख्यमंत्री के रूप में आधिकारिक मुहर लग गई है। केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में कोलकाता पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने आज भाजपा विधानमंडल दल की बैठक के बाद उनके नाम का ऐलान किया। सुवेंदु अधिकारी शनिवार, 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
आपको बता दें कि कोलकाता में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया है। इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मोहन चरण माझी मौजूद थे।
अमित शाह बोले- एक ही नाम पर मिली सबकी सहमति
बैठक के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुझे और मोहन चरण माझी को केंद्र की तरफ से पर्यवेक्षक बनाकर यहां भेजा था। चुनाव की प्रक्रिया के दौरान हमें लगभग 8 प्रस्ताव मिले और वे सभी एक ही नाम यानी सुवेंदु अधिकारी के पक्ष में थे। हमने अन्य नामों के लिए भी सभी को सोचने का समय दिया, लेकिन कोई दूसरा नाम सामने नहीं आया। इसलिए, मैं सुवेंदु अधिकारी को भाजपा विधानमंडल दल के नेता के रूप में निर्वाचित घोषित करता हूं.
वो 4 बड़ी बातें, जिन्होंने सुवेंदु अधिकारी को बनाया 'मुख्यमंत्री'
सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री पद तक पहुंचना महज एक संयोग नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक रणनीति और जमीनी पकड़ का परिणाम है। उनके पक्ष में ये 4 मुख्य कारण रहे:
1. ममता बनर्जी को लगातार दूसरी बार मात (The Giant Slayer)
सुवेंदु अधिकारी ने अपनी छवि एक 'जायंट स्लेयर' के रूप में स्थापित की है। 2021 के नंदीग्राम चुनाव में ममता बनर्जी को हराने के बाद, उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में फिर से भवानीपुर (जो ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता था) में उन्हें 15000 से अधिक वोटों के अंतर से हराकर इतिहास रच दिया।
2. पूर्वी मेदिनीपुर को बनाया भाजपा का अभेद्य किला
सुवेंदु अधिकारी ने अपने गढ़ पूर्वी मेदिनीपुर (Purba Medinipur) में भाजपा को एकतरफा और भारी जीत दिलाई। उनके नेतृत्व में इस क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन ने भाजपा को राज्य में बहुमत के जादुई आंकड़े के पार पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
3. नेता प्रतिपक्ष के रूप में आक्रामक नेतृत्व
2021 से 2026 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) रहते हुए सुवेंदु ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाले रखा। उन्होंने न केवल सदन के अंदर बल्कि जमीन पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और टीएमसी की नीतियों के खिलाफ मजबूती से भाजपा का चेहरा बने रहे।
4. संगठन पर पकड़ और केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा
सुवेंदु अधिकारी को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व, विशेषकर अमित शाह का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है। उन्होंने राज्य में भाजपा के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने और पुराने व नए कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य बिठाने में कड़ी मेहनत की है, जिसका इनाम उन्हें सीएम पद के रूप में मिला है।
बंगाल में 15 साल के ममता शासन के अंत के बाद, अब राज्य की कमान सुवेंदु अधिकारी के पास होगी। वे 9 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। भाजपा समर्थकों में इस घोषणा के बाद भारी उत्साह देखा जा रहा है और राज्यभर में जश्न का माहौल है।