India Bangladesh Border Dispute: भारत-बांग्लादेश सीमा पर बुधवार को हालात अचानक तब तनावपूर्ण हो गया, जब मेघालय के दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स जिले के महेंद्रगंज क्षेत्र स्थित नंदिर चार सीमा इलाके में एक व्यक्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही आक्रोश में बदल गया। हालात ऐसे हो गए कि सीमा के दोनों ओर भारी भीड़ जमा हो गई।
जानकारी के मुताबिक, भारत की सीमा में एक व्यक्ति अवैध रूप से प्रवेश कर गया था, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में लिया था। इसके बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने उसे बांग्लादेश की ओर वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन यह मामला तब उलझ गया है जब वहां कि बांग्लादेश सीमा रक्षक बल (BGB) और सीमा पार मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने उस व्यक्ति को स्वीकार करने से मना कर दिया।
वहीं, इस इनकार के बाद वह व्यक्ति दोनों देशों की सीमा के बीच फेंसिंग के पास फंस गया, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। कुछ ही समय बाद दोनों ओर भारी भीड़ इकट्ठा होने लगी, और सीमा पर माहौल गरमाने लगा। स्थानिय लोगों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति खुद को बांग्लादेशी नागरिक बता रहा था, लेकिन इसके बावजूद उसे लेने से मना कर दिया गया।
बताया गया है कि जिसे सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने बांग्लादेश वापस भेजा था, वह व्यक्ति बांग्लादेश के राजशाही जिले के गोडागाड़ी थाना क्षेत्र के चांदलई गांव का रहने वाला है।
इस घटना के बाद अब यह सवाल उठने लगे हैं कि बांग्लादेश ने अपने ही नागरिक को स्वीकार करने में देरी क्यों की, जिससे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लंबे समय तक तनाव बना रहा।
कई लोगों ने इस व्यक्ति के साथ किए गए व्यवहार की आलोचना भी की है, जो हिंदू समुदाय से संबंधित है। लोगों का कहना है कि उसे अपने देश लौटने की इजाजत देने से पहले लगभग 20 घंटे तक सीमा पर इंतजार करवाना अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।