बिल गेट्स का सबसे बड़ा डार्क सीक्रेट बेनकाब! एपस्टीन ने अफेयर की बात दबाने के लिए किया था ब्लैकमेल', अमेरिकी संसद में गवाही से हड़कंप

Epstein Blackmail Bill Gates: जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक बेहद रसूखदार फाइनेंसर था, जो गरीब पृष्ठभूमि की लड़कियों और महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर सेक्स ट्रैफिकिंग का रैकेट चलाता था। साल 2008 में उसने फ्लोरिडा में वेश्यावृत्ति के एक मामले में अपना गुनाह कबूल किया था और 13 महीने जेल में रहा था

अपडेटेड Jun 11, 2026 पर 12:48 PM
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बिल गेट्स ने माना कि अफेयर की बात सच थी, लेकिन एपस्टीन ने ब्लैकमेल किया

Bill Gates Jeffrey Epstein: माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और दुनिया के सबसे अमीर इंसानों में शुमार बिल गेट्स पर एक बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी संसद के सामने उन्होंने खुद एक ऐसा खुलासा किया है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। गेट्स ने बुधवार को हाउस ओवरसाइट कमेटी के सामने गवाही देते हुए आरोप लगाया कि जेफरी एपस्टीन ने उनके एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर को लेकर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी।

बिल गेट्स ने निजी तौर पर दी गई इस गवाही में माना कि एपस्टीन उनके अफेयर और उससे जुड़े झूठ के दम पर उन पर उससे दोबारा जुड़ने का दबाव बना रहा था। अमेरिकी संसद इस समय जेफरी एपस्टीन के हाई-प्रोफाइल सेक्स ट्रैफिकिंग मामले में न्याय विभाग की भूमिका की जांच कर रही है, जिसके तहत गेट्स से पूछताछ की गई।

'अफेयर की बात सच थी, लेकिन एपस्टीन ने ब्लैकमेल किया'


बिल गेट्स ने कमेटी के सामने दिए अपने शुरुआती बयान में कहा, 'इन अफेयर्स का एपस्टीन के साथ मेरी बातचीत से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन यह मेरे परिवार के लिए बेहद दर्दनाक था'।

गेट्स ने आगे बताया, 'एपस्टीन मेरे इन अवांछित संबंधों की जानकारियों का इस्तेमाल कर रहा था। इसके साथ ही उसने कई तरह के झूठ की परतें भी इसमें जोड़ दी थीं, ताकि वह मुझ पर दोबारा से उसके साथ जुड़ने और काम करने का दबाव बना सके'।

हालांकि, गेट्स ने यह भी साफ किया कि जब वे अपनी परोपकारी संस्था के लिए फंड जुटाने के सिलसिले में एपस्टीन से मिले थे, तब वे उसके अपराधों की गंभीरता को पूरी तरह नहीं समझते थे और उन्होंने कभी भी एपस्टीन को कोई अपराध करते हुए नहीं देखा।

संसद की बंद कमरे में जांच और गेट्स की तैयारी

बिल गेट्स ने हाउस ओवरसाइट एंड गवर्नमेंट रिफॉर्म कमेटी के सामने यह गवाही पूरी तरह निजी तौर पर दी है। यह कमेटी इस बात की जांच कर रही है कि एपस्टीन और उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल के मामलों में संघीय अधिकारियों से क्या चूक या कुप्रबंधन हुआ था।

रिपब्लिकन कमेटी के चेयरमैन जेम्स कोमर ने मार्च में पत्र लिखकर गेट्स को इस इंटरव्यू के लिए बुलाया था। न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गेट्स ने इस बड़ी गवाही की तैयारी के लिए जेक ग्रीनबर्ग को काम पर रखा था, जो पिछले दिसंबर तक इसी ओवरसाइट पैनल के मुख्य खोजी अधिकारी थे।

तस्वीरों और ईमेल से घिरे बिल गेट्स, फाउंडेशन में जांच शुरू

न्याय विभाग द्वारा इस साल जारी किए गए दस्तावेजों से पता चला है कि साल 2008 में जेल की सजा काटने के बाद भी बिल गेट्स और एपस्टीन के बीच कई मुलाकातें हुई थीं। इन फाइलों में कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें बिल गेट्स कुछ महिलाओं के साथ पोज दे रहे हैं, हालांकि सुरक्षा कारणों से उन महिलाओं के चेहरे छिपाए गए हैं।

इस विवाद में बिल गेट्स का 'गेट्स फाउंडेशन' भी घिर गया है। जनवरी में सामने आए ईमेल्स से पता चला था कि एपस्टीन और फाउंडेशन के स्टाफ के बीच लगातार बातचीत हो रही थी। इसके बाद, फाउंडेशन ने अप्रैल में एक बाहरी और स्वतंत्र समीक्षा शुरू कर दी है ताकि एपस्टीन के साथ जुड़ाव की पूरी जांच की जा सके। गेट्स ने पहले ही अपनी इन मुलाकातों को एक बड़ी 'गलती' बताया है।

कौन था जेफरी एपस्टीन और क्यों मची है खलबली?

जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक बेहद रसूखदार फाइनेंसर था, जो गरीब पृष्ठभूमि की लड़कियों और महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर सेक्स ट्रैफिकिंग का रैकेट चलाता था। साल 2008 में उसने फ्लोरिडा में वेश्यावृत्ति के एक मामले में अपना गुनाह कबूल किया था और 13 महीने जेल में रहा था। फिर साल 2019 में संघीय अभियोजकों ने उस पर नाबालिगों की तस्करी का नया केस दर्ज किया। लेकिन ट्रायल शुरू होने से पहले ही उसने जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

डोनाल्ड ट्रंप समेत कई दिग्गजों के नाम आए सामने

न्याय विभाग द्वारा जारी लाखों आंतरिक दस्तावेजों ने पूरी दुनिया के पावर कॉरिडोर में भूचाल ला दिया है. इन फाइलों से पता चलता है कि एपस्टीन के संबंध राजनीति, बिजनेस, विज्ञान और फाइनेंस जगत के कई बड़े दिग्गजों से थे।

इन दस्तावेजों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी नाम शामिल है, जो 1990 और 2000 के दशक में एपस्टीन के साथ कई मौकों पर सामाजिक रूप से जुड़े थे।

ट्रंप ने लंबे समय तक इन फाइलों को सार्वजनिक करने का विरोध किया था, लेकिन बाद में संसद द्वारा कानून पारित किए जाने के बाद इन्हें जारी करना पड़ा। वहीं, पूर्व अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी पर भी आरोप लगे थे कि उन्होंने इस केस में ट्रंप को बचाने की कोशिश की थी.

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