झारखंड के गिरिडीह में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा 209 बटालियन की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी अजय महतो को गिरफ्तार कर लिया है। उसे मोचू और टाइगर के नाम से भी जाना जाता है। गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि अजय महतो को पिपराडीह गांव के जंगलों में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को उसके इलाके में मौजूद होने की पक्की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस और सीआरपीएफ ने सर्च ऑपरेशन चलाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, अजय महतो साल 2005 से माओवादी गतिविधियों में शामिल था। वह संगठन में स्पेशल एरिया कमेटी (एसएसी) कमांडर के पद पर काम कर रहा था। उस पर जबरन वसूली करने, हथियार और विस्फोटक जुटाने तथा हमलों की साजिश रचने जैसे कई गंभीर आरोप हैं। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के कई जिलों में अजय महतो के खिलाफ 240 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षा बलों पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि अजय महतो की गिरफ्तारी से उन इलाकों में माओवादी गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा, जहां वह लंबे समय से सक्रिय था।
अजय महतो की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब झारखंड समेत कई राज्यों में सुरक्षा बल माओवाद के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और उसकी विशेष कोबरा (CoBRA) कमांडो इकाइयां माओवादी नेताओं और उनके नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त अभियान चला रही हैं। इसी अभियान के तहत 'ऑपरेशन कगार' भी चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य माओवादी प्रभावित इलाकों में कार्रवाई को और तेज करना है। इस अभियान में कई सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। अधिकारी बताते हैं कि अभियान के दौरान माओवादियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, खुफिया जानकारी जुटाई जा रही है और जंगलों व दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन और इलाके पर नियंत्रण मजबूत करने का काम कर रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से माओवादी प्रभाव खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय-सीमा तय की थी। सरकार का कहना है कि लगातार सुरक्षा अभियान और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए तय समय के भीतर देश को माओवादी गतिविधियों से मुक्त बनाने की कोशिश जारी है। अधिकारियों के अनुसार, अजय महतो जैसे बड़े माओवादी नेताओं की गिरफ्तारी इसी रणनीति का हिस्सा है। उनका कहना है कि ऐसे अभियानों का मकसद माओवादी संगठनों के वरिष्ठ नेताओं को पकड़ना, उनके नेटवर्क को तोड़ना और उनकी गतिविधियों को कमजोर करना है।