Train Accident News: बड़ा ट्रेन हादसा टला! जिस पटरी पर चल रहा था मरम्मत का काम, उसी पर दौड़ा दी जन शताब्दी एक्सप्रेस

Train Accident News: आगरा रेल मंडल ने दिल्ली जा रही जन शताब्दी एक्सप्रेस को उस पटरी पर मोड़ने को लेकर एक स्टेशन मास्टर और एक ट्रैफिक कंट्रोलर को निलंबित कर दिया है जिसकी मरम्मत की जा रही थी। इस घटना के बाद सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी

अपडेटेड Aug 27, 2025 पर 2:13 PM
Train Accident News: इस घटना के बाद सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी (फाइल फोटो)

Train Accident News: भारतीय रेलवे की एक गलत फैसले की वजह से उत्तर प्रदेश के आगरा में सैकड़ों ट्रेन यात्रियों की जान संकट में पड़ गई। दरअसल, जिस पटरी पर मरम्मत का काम चल रहा था, उसी पर जन शताब्दी एक्सप्रेस दौड़ा दी। हालांकि, ट्रेन ड्राइवर की वजह से लोगों की जान बच गई और बड़ा ट्रेन हादसा होते-होते बच गया। आगरा रेल मंडल ने दिल्ली जा रही जन शताब्दी एक्सप्रेस को उस पटरी पर मोड़ने को लेकर एक स्टेशन मास्टर और एक ट्रैफिक कंट्रोलर को मंगलवार को निलंबित कर दिया जिसकी मरम्मत की जा रही थी। इस घटना के बाद सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी।

सूत्रों के मुताबिक, ट्रेन के सतर्क चालक दल ने पटरियों का प्रबंधन करने वाले कर्मचारियों द्वारा लगाए गए लाल झंडे को देखा और तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को उस हिस्से में पहुंचने से पहले ही रोक दिया, जहां मरम्मत की जा रही थी। मंडल की प्रभागीय परिचालन प्रबंधक और अधिकृत प्रवक्ता प्रशस्ति श्रीवास्तव ने न्यूज एजेसी पीटीआई को बताया कि दो कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा, "यह दो कर्मचारियों की खराब संचालन योजना का मामला है। अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।’’ सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को सुबह करीब साढ़े 10 से 11:00 बजे के बीच एक यात्री की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर ट्रेन टिकट परीक्षक (TTE) ने आगरा कंट्रोल रूम से संपर्क कर छाता स्टेशन पर ट्रेन रोकने का अनुरोध किया

एक सूत्र ने एजेंसी को बताया, "हालांकि, छाता स्टेशन पार हो गया क्योंकि आवश्यक निर्देश समय पर लोको पायलट तक नहीं पहुंच पाएइसके बाद टीटीई ने फिर संपर्क कर अगले स्टेशन कोसी पर यात्री को उतारने की अनुमति मांगी, क्योंकि उसकी तबीयत और बिगड़ गई थी।"

उसने बताया, "जब कोसी पर भी ट्रेन नहीं रुकी, तब ट्रेन में मौजूद कर्मियों ने एक बार फिर अनुरोध किया, जिसके बाद होडल स्टेशन पर ट्रेन रोकने का निर्णय लिया गया। लेकिन स्टेशन मास्टर ने जल्दबाजी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए ट्रेन को उस लूप लाइन पर मोड़ दिया जिसकी मरम्मत की जा रही थी।"

घटना से अवगत अधिकारियों ने बताया कि पटरी की मरम्मत कर रहे कर्मियों ने लूप लाइन की शुरुआत से पहले लाल झंडा लगाया हुआ था, जिसे देखकर सतर्क चालक दल ने तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका।


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मंडल के एक अधिकारी ने कहा, "अगर लोको पायलट ने समय पर सूझबूझ न दिखाई होती तो एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। केवल निचले स्तर के नहीं, बल्कि वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों को भी इस तरह की गंभीर सुरक्षा चूक के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा, "जब एक यात्री की तबीयत खराब होने की सूचना मिली, तो ट्रेन को रोकने को लेकर इतनी अनिर्णय की स्थिति क्यों थी? वरिष्ठ अधिकारी कहां थे?"

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