Anjel Chakma: देहरादून में 'चीनी' कहे जाने का विरोध करने पर बुरी तरह पीटे गए त्रिपुरा के 24 वर्षीय MBA स्टूडेंट अंजेल चकमा की शुक्रवार को सांसें थम गईं। 9 दिसंबर को हुए इस जानलेवा हमले ने न केवल एक उभरते करियर को खत्म किया, बल्कि देश में उत्तर-पूर्व के लोगों की सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इस घटना ने एक बार फिर पूर्वोत्तर के छात्रों की सुरक्षा और देश में बढ़ती नस्लीय नफरत पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। आरोपियों की गिरफ्तारी और इंसाफ को लेकर प्रदर्शन हो रहे है।
