Get App

'WhatsApp पर मैसेज कर समर्थन मांग रही TVK'! विजय के इस तरीके से नाराज हुई VCK, सुनाई खरी-खरी

Tamil Nadu Government Formation: VCK महासचिव सिंथनाई सेल्वन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टीवीके की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर विजय वास्तव में भाजपा को राज्यपाल के जरिए तमिलनाडु की राजनीति में हस्तक्षेप करने से रोकना चाहते थे, तो उन्हें खुद अलग-अलग दलों के नेताओं से आमने-सामने मुलाकात करनी चाहिए थी

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड May 08, 2026 पर 3:47 PM
'WhatsApp पर मैसेज कर समर्थन मांग रही TVK'! विजय के इस तरीके से नाराज हुई VCK, सुनाई खरी-खरी
'WhatsApp पर मैसेज कर समर्थन मांग रही TVK'! Vijay के इस तरीके से नाराज हुई VCK, सुनाई खरी-खरी

तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच अब विजय की पार्टी TVK पर सहयोगी दलों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने शुक्रवार को TVK पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी समर्थन जुटाने के लिए आमने-सामने आधिकारिक बातचीत की जगह WhatsApp मैसेज का सहारा ले रही है। 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी TVK अभी तक सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर पाई है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कथित तौर पर स्पष्ट बहुमत के आंकड़े नहीं होने के कारण विजय को दो बार लौटा दिया। इसके बाद राज्य की राजनीति में जोड़तोड़ और समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है।

इसी बीच VCK महासचिव सिंथनाई सेल्वन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टीवीके की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर विजय वास्तव में भाजपा को राज्यपाल के जरिए तमिलनाडु की राजनीति में हस्तक्षेप करने से रोकना चाहते थे, तो उन्हें खुद अलग-अलग दलों के नेताओं से आमने-सामने मुलाकात करनी चाहिए थी।

सेल्वन ने तंज कसते हुए कहा, “WhatsApp पर पत्र भेजकर ‘reply and let us know’ कहना किसी संवैधानिक संकट के दौरान राजनीतिक रूप से बेहद गैर-गंभीर तरीका है।” VCK का आरोप है कि TVK गठबंधन राजनीति की गंभीरता को समझने में विफल रही है।

VCK ने विजय के करीबी नेताओं पर भी निशाना साधा। पार्टी का कहना है कि टीवीके के कुछ दूसरे दर्जे के नेता विजय की लोकप्रियता और ‘हीरो इमेज’ का इस्तेमाल कर DMK के खिलाफ निजी राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं। साथ ही उन बयानों की भी आलोचना की गई जिनमें कथित तौर पर कहा गया था कि विजय सत्ता में आते ही DMK और AIADMK नेताओं को गिरफ्तार करवा देंगे। VCK ने ऐसे बयानों को “अहंकारी और गैर-जिम्मेदाराना” बताया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें