Indian LPG Tankers News: होर्मुज से सुरक्षित निकले दो और भारतीय टैंकर! 16 अभी भी खाड़ी में फंसे, जानें- कब तक पहुंचेगा भारत

Indian LPG Tankers News: बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, दो और भारतीय एलपीजी टैंकर युद्ध प्रभावित होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर चुके हैं और भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं, 16 अन्य जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।

अपडेटेड Apr 07, 2026 पर 9:07 AM
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होर्मुज से सुरक्षित निकले दो और भारतीय टैंकर! 16 अभी भी खाड़ी में फंसे, जानें- कब तक पहुंचेगा भारत

Indian LPG Tankers News: बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, दो और भारतीय एलपीजी टैंकर युद्ध प्रभावित होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर चुके हैं और भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं, 16 अन्य जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। वहीं, युद्ध के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात काफी कम हो गया है। यह संकरा समुद्री रास्ता फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।

बताया जा रहा है कि ईरान ने 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद अपने “दुश्मन” देशों (अमेरिका और उसके सहयोगी) के लिए इस रास्ते को लगभग बंद कर दिया है, जबकि “मित्र” देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जा रही है।

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि 46,650 टन LPG ले जाने वाला LPG जहाज ‘ग्रीन सानवी’ 7 अप्रैल को भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने वाला है, जबकि 15,500 टन LPG ले जाने वाला ‘ग्रीन आशा’ 9 अप्रैल को भारतीय तट पर पहुंचेगा।


उन्होंने कहा, "पश्चिम एशिया संकट के बीच भारतीय समुद्री अभियान सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के जारी हैं। इस क्षेत्र में 433 नाविकों सहित भारतीय झंडे वाले 16 जहाज मौजूद हैं। इसके अलावा दो LPG जहाज, ग्रीन सानवी और ग्रीन आशा, होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं।"

इसके साथ ही, भारतीय झंडे वाले 8 LPG टैंकर इस अहम समुद्री रास्ते से सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और तेहरान की बड़ी जवाबी कार्रवाई के बाद से लगभग बंद है।

क्या ईरान होर्मुज पार करने वाले जहाजों से टोल वसूल रहा है?

ईरान द्वारा जलडमरूमध्य पार करने के लिए टोल वसूलने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर मुकेश मंगल ने कहा, "हमारे पास इस तरह के भुगतान की कोई जानकारी नहीं है।" ईरान ने पहले कहा था कि उसके "भारतीय मित्रों" को होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में "चिंता करने" की आवश्यकता नहीं है।

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पहले कहा था कि भारतीय झंडे वाले जहाजों के लिए कोई "सामान्य व्यवस्था" नहीं है और ईरान को इसके बदले कुछ भी नहीं मिला है।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान युद्ध के बाद अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए टोल ले सकता है।

अल जजीरा के अनुसार, ट्रम्प ने कहा, "क्या हम टोल लेना शुरू कर दें? मैं उन्हें टोल लेने देने के बजाय टोल लेना पसंद करूंगा। हम ऐसा क्यों न करें? हम विजेता हैं। हम जीते हैं।"

फारस की खाड़ी में फंसे 16 भारतीय जहाज

अधिकारी ने बताया कि फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों में से एक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) से भरा हुआ है, दो LPG टैंकर हैं (एक भरा हुआ और एक खाली), छह कच्चे तेल के जहाज हैं (पांच भरे हुए, एक खाली), तीन कंटेनर जहाज हैं, एक ड्रेजर है, एक केमिकल कार्गो ले जा रहा है और दो बल्क कैरियर हैं।

पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के समय होर्मुज स्ट्रेट में मूल रूप से 28 भारतीय झंडे वाले जहाज थे। इनमें से 24 जलडमरूमध्य के पश्चिमी भाग में और चार पूर्वी भाग में थे। पश्चिमी भाग से आठ और पूर्वी भाग से दो जहाज सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे।

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