UAE President Visit India: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान दो घंटे के छोटे दौरे पर भारत पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के महत्व पर जोर दिया जाएगा। पीएम मोदी का खुद एयरपोर्ट पहुंचना इस बात का संकेत है कि भारत अल नाहयान की यात्रा को कितना महत्व देता है।
UAE के राष्ट्रपति की यात्रा के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि व्यापार और निवेश, रक्षा उद्योग सहयोग और ऊर्जा पहलों पर भारतीय नेतृत्व के साथ वार्ता होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकात के दौरान चर्चा होने की संभावना है।
UAE राष्ट्रपति का यह दौरा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के समय हुआ है। इसमें ईरान-अमेरिका के खराब रिश्ते, गाजा में जारी अस्थिरता और यमन में सऊदी अरब और UAE से जुड़ा संघर्ष शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान कई MoU पर साइन होने की भी उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, अल नाहयान राष्ट्रीय राजधानी में दो घंटे से भी कम समय तक रहेंगे। यूएई के राष्ट्रपति की भारत यात्रा पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका संबंधों में आई गिरावट, यमन को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच बढ़ते तनाव और गाजा में अस्थिर राजनीतिक परिदृश्य के कारण उत्पन्न स्थिति के बीच हो रही है।
पीएम मोदी से करेंगे अहम चर्चा
अल नाहयान और पीएम मोदी जल्द ही व्यापक पर वार्ता करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच व्यापार और निवेश, रक्षा उद्योग सहयोग और ऊर्जा पहल पर वार्ता होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा होने की संभावना है। सत्ता संभालने के बाद से नाहयान की यह भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा है। जबकि पिछले 10 वर्षों में यह उनकी पांचवीं यात्रा है।
अल नाहयान सिर्फ दो से तीन घंटे नई दिल्ली रहेंगे। इसके बाद वह आज यानी सोमवार शाम करीब 6 बजे भारत से रवाना हो जाएंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, शेख जायद और पीएम मोदी के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, ऊर्जा और दुनिया से जुड़े अहम मुद्दों पर बड़ी डील हो सकती है। साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेता मिडिल-ईस्ट के मौजूदा हालात पर चर्चा कर सकते हैं।