Udaipur Gang-Rape Case : राजस्थान के उदयपुर में एक महिला आईटी फर्म मैनेजर के साथ गैंगरेप के मामले में गंभीर और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पीड़िता ने बताया कि उसे गंभीर चोटें आई हैं और उसका कुछ निजी सामान भी गायब है। यह घटना 20 दिसंबर की बताई जा रही है। मामले में पीड़िता के वर्कप्लेस से जुड़े तीन सीनियर अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महिला के मेडिकल टेस्ट में यौन शोषण की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने उसके निजी अंगों के साथ-साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट और दर्द पाया है।
पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि जब उसे होश आया, तब उसके अंडरगारमेंट्स, मोजे और कुछ गहने गायब थे। इस जानकारी के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है और पुलिस गहन जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में GKM IT के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर जितेश प्रकाश सिसोदिया, कंपनी की एग्जीक्यूटिव हेड शिल्पा सिरोही और उनके पति गौरव सिरोही शामिल हैं। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि वह बेहोश हो गई थी और होश में न रहने की हालत में तीनों ने बारी-बारी से कार के अंदर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कानूनी कार्रवाई जारी है।
होश आने पर शरीर पर मिले चोट के निशान
पीड़िता के अनुसार, वह 20 दिसंबर की रात उदयपुर के शोभागपुरा इलाके में स्थित एक होटल में गई थी। यहां सिसोदिया की ओर से बर्थडे पार्टी रखी गई थी। पार्टी रात करीब 9 बजे शुरू हुई और लगभग 1:30 बजे तक चली। इस दौरान पार्टी में मौजूद कई लोगों ने शराब पी। पीड़िता ने बताया कि देर रात उसकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद तीनों आरोपियों ने उसे घर छोड़ने की बात कही। पुलिस के मुताबिक, गाड़ी गौरव सिरोही चला रहा था, जबकि पीछे की सीट पर सिसोदिया, शिल्पा और पीड़िता बैठे हुए थे।
ड्राइव के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर रास्ते में एक दुकान पर गाड़ी रोकी और सिगरेट जैसा कोई पदार्थ खरीदा। पीड़िता का आरोप है कि वही चीज उसे दी गई। उसने पुलिस को बताया कि उसे लेते ही वह बेहोश हो गई। जब उसे होश आया, तो उसे शरीर में दर्द था और कई जगह साफ चोटों के निशान दिखाई दे रहे थे।
होश में आने के बाद पीड़िता ने गाड़ी में लगे डैशकैम को देखा। उसमें घटना से जुड़ी फुटेज और आरोपियों की आपसी बातचीत रिकॉर्ड मिली। इसके बाद वह यह रिकॉर्डिंग लेकर पुलिस के पास पहुंची और 23 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।