UN Report On Red Fort Blast: संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा रिपोर्ट ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट में पिछले साल दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण हमले का सीधा संबंध जैश से बताया गया है। इस रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन दावों को भी हवा दे दी है जिनमें पाकिस्तान बार-बार जैश को 'खत्म' या 'निष्क्रिय' बताता रहा है। आइए आपको बताते है क्या है UN की रिपोर्ट में।
एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया था लाल किला ब्लास्ट
यूएन की 'एनालिटिकल सपोर्ट एंड सेंक्शंस मॉनिटरिंग टीम' की 37वीं रिपोर्ट के अनुसार, एक सदस्य देश ने जानकारी दी है कि 9 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इस आत्मघाती हमले में 15 लोगों की जान गई थी। जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को हमलावर 'उमर-उन-नबी' के फोन से एक वीडियो क्लिप भी मिली है, जिसमें वह सुसाइड अटैक की बात कर रहा है। यह सबूत साफ करते हैं कि यह किसी 'लोन-वुल्फ' की करतूत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी।
'जमात-उल-मुमिनात' नाम से महिला विंग बना रहा है मसूद अजहर
रिपोर्ट में जैश सरगना और वैश्विक आतंकी मसूद अजहर की एक नई और खतरनाक साजिश का भी जिक्र है। 8 अक्टूबर को अजहर ने 'जमात-उल-मुमिनात' नाम से जैश की एक महिला विंग बनाने की घोषणा की। जानकारों का मानना है कि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने और अपना नेटवर्क फैलाने के लिए आतंकी संगठन अब महिलाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि मसूद अजहर पर पहले से ही यूएन के प्रतिबंध लगे हैं, लेकिन उसका यह नया संगठन सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चुनौती बन गया है।
पाकिस्तान का दावा बनाम हकीकत
यूएन की रिपोर्ट में सदस्य देशों के बीच मतभेद भी दिखे हैं। जहां एक देश ने जैश के हमलों और उसकी सक्रियता के सबूत दिए, वहीं पाकिस्तान ने उसे 'खत्म' बताया। पाकिस्तान हमेशा से कहता रहा है कि जैश और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन अब उसके यहां काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन लाल किला हमले और हालिया गतिविधियों ने इन दावों की कलई खोल दी है।
कश्मीर हमले का भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' से दिया था मुंहतोड़ जवाब
रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर के हालातों का भी जिक्र है, जिसमें अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए हमले का हवाला दिया गया है। इस हमले के बाद भारत ने मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इसके चलते दोनों देशों के बीच चार दिनों तक सैन्य तनाव भी चरम पर रहा था। फिलहाल NIA इस पूरे 'व्हाइट कॉलर' आतंकी मॉड्यूल की जांच कर रही है, जिसमें डॉक्टरों समेत कई पढ़े-लिखे लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।