Unemployment Rate Falls: देश में बेरोजगारी दर अगस्त में घटकर 5 प्रतिशत रह गई। जुलाई में यह 5.1 प्रतिशत थी। सरकार ने 15 सितंबर को ये आंकड़े जारी किए। आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त की बेरोजगारी दर फरवरी 2026 के बाद सबसे कम है।
Unemployment Rate Falls: देश में बेरोजगारी दर अगस्त में घटकर 5 प्रतिशत रह गई। जुलाई में यह 5.1 प्रतिशत थी। सरकार ने 15 सितंबर को ये आंकड़े जारी किए। आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त की बेरोजगारी दर फरवरी 2026 के बाद सबसे कम है।
फरवरी में बेरोजगारी दर 4.9 प्रतिशत थी। अगस्त में बेरोजगारी घटने की सबसे बड़ी वजह गांवों में रोजगार की बेहतर स्थिति रही। दूसरी ओर, शहरों में बेरोजगारी थोड़ी बढ़ी है।
गांवों में बेरोजगारी ज्यादा घटी
ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर अगस्त में घटकर 4.1 प्रतिशत रह गई। जुलाई में यह 4.5 प्रतिशत थी। यह जनवरी 2026 के बाद ग्रामीण बेरोजगारी का सबसे निचला स्तर है।
शहरों की तस्वीर इसके उलट रही। शहरी बेरोजगारी दर जुलाई के 6.7 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 6.8 प्रतिशत हो गई। यानी कुल बेरोजगारी दर में आई गिरावट का बड़ा हिस्सा गांवों से आया है।
काम की तलाश करने वालों की संख्या भी बढ़ी
बेरोजगारी घटने के साथ लेबर मार्केट में लोगों की भागीदारी भी बढ़ी है। Labour Force Participation Rate (LFPR) अगस्त में बढ़कर 55.6 प्रतिशत हो गया। जुलाई में यह 55.4 प्रतिशत था।
LFPR बताता है कि 15 साल और उससे ज्यादा उम्र की आबादी में कितने लोग काम कर रहे हैं या काम की तलाश में हैं। ग्रामीण इलाकों में यह दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 58.2 प्रतिशत हो गई। शहरों में यह 50.4 प्रतिशत पर बनी रही।
महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी
महिलाओं की लेबर मार्केट में भागीदारी में भी सुधार हुआ है। अगस्त में कुल महिला LFPR बढ़कर 34.8 प्रतिशत हो गया। जुलाई में यह 34.4 प्रतिशत था।
ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी में ज्यादा सुधार हुआ। उनका LFPR 38.8 प्रतिशत से बढ़कर 39.4 प्रतिशत हो गया। शहरों में महिला LFPR 25.4 प्रतिशत पर लगभग स्थिर रहा।
रोजगार पाने वालों का अनुपात बढ़ा
काम करने वाली आबादी के अनुपात में भी सुधार हुआ है। Worker Population Ratio (WPR) अगस्त में बढ़कर 52.8 प्रतिशत हो गया। जुलाई में यह 52.5 प्रतिशत था।
यह मार्च 2026 के बाद WPR का सबसे ऊंचा स्तर है। ग्रामीण WPR भी 55.4 प्रतिशत से बढ़कर 55.8 प्रतिशत हो गया। वहीं, शहरी WPR 47 प्रतिशत पर स्थिर रहा।
गांवों में पुरुषों और महिलाओं दोनों को फायदा
ग्रामीण इलाकों में पुरुषों और महिलाओं दोनों की बेरोजगारी दर घटी है। ग्रामीण पुरुषों की बेरोजगारी दर 4.6 प्रतिशत से घटकर 4.3 प्रतिशत हो गई।
ग्रामीण महिलाओं की बेरोजगारी दर भी 4.3 प्रतिशत से घटकर 3.9 प्रतिशत रह गई। इससे साफ है कि अगस्त में रोजगार की बेहतर तस्वीर सिर्फ पुरुषों तक सीमित नहीं रही।
शहरों में स्थिति थोड़ी कमजोर रही। शहरी पुरुषों की बेरोजगारी दर 5.9 प्रतिशत से बढ़कर 6.1 प्रतिशत हो गई। महिलाओं की बेरोजगारी दर में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ।
एक साल में ग्रामीण रोजगार में सुधार
अगस्त 2025 के मुकाबले भी लेबर मार्केट में सुधार दिखा है। कुल LFPR एक साल पहले के 55 प्रतिशत से बढ़कर 55.6 प्रतिशत हो गया। महिला LFPR में भी 1.1 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।
ग्रामीण रोजगार इस सुधार की बड़ी वजह रहा। ग्रामीण WPR एक साल में 1.3 प्रतिशत अंक बढ़कर 55.8 प्रतिशत हो गया। वहीं, शहरी WPR 47.5 प्रतिशत से घटकर 47 प्रतिशत रह गया।
कैसे तय होती है बेरोजगारी दर?
PLFS के ये मासिक आंकड़े Current Weekly Status के आधार पर तैयार किए जाते हैं। इसमें किसी व्यक्ति की रोजगार स्थिति देखने के लिए सर्वे से पहले के सात दिनों की गतिविधियों को आधार बनाया जाता है।
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