Union Cabinet : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 1,600 करोड़ रुपये के शुरुआती खर्च के साथ 2025-2026 की अवधि के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ( PMKSY) की उप-योजना के रूप में कमांड एरिया डेवलपमेंट एंड वाटर मैनेजमेंट (M-CADWM) के आधुनिकीकरण को मंजूरी दे दी है। इस योजना का लक्ष्य सिंचाई के पानी पहुंचाने वाले नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना है ताकि किसी खास क्लस्टर में मौजूदा नहरों या अन्य स्रोतों से सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति की जा सके। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह योजना किसानों द्वारा स्थापित स्रोत से लेकर खेतों तक, भूमिगत जल से पाइप के जरिए सिंचाई के साथ, 1 हेक्टेयर तक छोटी जोत की सिंचाई के लिए मजबूत बैक-एंड बुनियादी ढांचा तैयार करेगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज बुधवार, 9 अप्रैल को 4,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई बड़ी इंफ्रा और कृषि से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिसमें दक्षिण में एक महत्वपूर्ण रेलवे लाइन का दोहरीकरण, उत्तर में एक नया छह लेन के बाईपास और कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए जल प्रबंधन प्रणालियों का आधुनिकीकरण शामिल है।
कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से होकर गुजरने वाली 104 किलोमीटर लंबी तिरुपति-पाकला-कटपडी सिंगल रेलवे लाइन के दोहरीकरण को हरी झंडी दे दी है। 1,332 करोड़ रुए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना से रेल यातायात में आसानी होने और क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार होने की उम्मीद है।
छह लेन वाले जीरकपुर बाईपास का निर्माण
रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 1,878.31 करोड़ रुपये की लागत से 19.2 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले एक्सेस कंट्रोल्ड जीरकपुर बाईपास के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह बाईपास NH-7 (जीरकपुर-पटियाला) के जंक्शन से शुरू होगा और पंजाब और हरियाणा से होते हुए NH-5 (जीरकपुर-परवाणू) में पूरा होगा। इस बारे में जारी बयान में कहा गया है कि इसे राष्ट्रीय राजमार्ग (O) योजना के तहत हाइब्रिड एन्युटी मोड पर विकसित किया जा रहा है और यह पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के एकीकृत परिवहन बुनियादी ढांचे के लक्ष्यों के मुताबिक है।
इसमें बयान में आगे कहा गया है कि इस परियोजना का प्राथमिक लक्ष्य पटियाला, दिल्ली, मोहाली एयरोसिटी से यातायात को डायवर्ट करके और हिमाचल प्रदेश को सीधा संपर्क प्रदान करना और ज़ीरकपुर, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में भीड़भाड़ को कम करना है। चंडीगढ़-पंचकूला-मोहाली शहरी क्लस्टर को भीड़भाड़ से मुक्त करने के लिए रिंग रोड योजना के हिस्से के रूप में डिजाइन किया गया यह बाईपास पंजाब सरकार के मास्टर प्लान पर आधारित होगा और NH-7, NH-5 और NH-152 के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से बचाएगा।