Monsoon: यूपी का वो जिला जहां इस सीजन में अबतक रिकॉर्ड हुई 0 बारिश! IMD ने जारी किया टेंशन बढ़ाने वाला आंकड़ा

Monsoon : उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में बहुत कम बारिश दर्ज की गई है और एक जिले में अब तक बिल्कुल बारिश नहीं हुई है। सबसे बड़ी चिंता उन जिलों को लेकर है, जहां सामान्य से 60 से 99 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। इन जिलों में सूखे जैसे हालात बनने का खतरा बढ़ सकता है। मौसम विभाग और प्रशासन की नजर इन इलाकों पर बनी हुई है

अपडेटेड Jun 30, 2026 पर 4:31 PM
Monsoon 2026 : उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है।

उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। राज्य के ज्यादातर जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे खेती-किसानी के साथ-साथ जल संकट की चिंता भी बढ़ने लगी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के केवल 11 जिलों में ही सामान्य बारिश हुई है, जबकि 28 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है। वहीं 35 जिलों में बहुत कम बारिश दर्ज की गई है और एक जिले में अब तक बिल्कुल बारिश नहीं हुई है।

सबसे बड़ी चिंता उन जिलों को लेकर है, जहां सामान्य से 60 से 99 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। इन जिलों में सूखे जैसे हालात बनने का खतरा बढ़ सकता है। मौसम विभाग और प्रशासन की नजर इन इलाकों पर बनी हुई है।

इन 35 जिलों में बेहद कम बारिश


जिन जिलों में सामान्य से 60 से 99 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है, उनमें अंबेडकर नगर, अमेठी, बांदा, बाराबंकी, भदोही, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, कुशीनगर, लखनऊ, मऊ, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव, वाराणसी, अलीगढ़, अमरोहा, बिजनौर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, जालौन, झांसी, महोबा, मैनपुरी, पीलीभीत, सहारनपुर, शाहजहांपुर और शामली शामिल हैं।

इन जिलों में किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है, तो खरीफ फसलों पर इसका असर पड़ सकता है।

इन 28 जिलों में सामान्य से कम बारिश

जिन जिलों में 20 से 59 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है, उनमें अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कानपुर नगर, खीरी, रायबरेली, संत कबीर नगर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, औरैया, बदायूं, बागपत, बरेली, इटावा, हमीरपुर, हापुड़, कासगंज, ललितपुर, मेरठ, मुरादाबाद और रामपुर शामिल हैं। इन जिलों में फिलहाल बारिश पूरी तरह से नहीं रुकी है, लेकिन सामान्य से कम वर्षा होने के कारण खेती और जलभराव दोनों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सिर्फ 11 जिलों में सामान्य बारिश

प्रदेश के केवल गोंडा, कन्नौज, महाराजगंज, आगरा, बुलंदशहर, एटा, फिरोजाबाद, हाथरस, मथुरा, मुजफ्फरनगर और संभल में अब तक सामान्य श्रेणी की बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में मानसून की स्थिति फिलहाल संतोषजनक मानी जा रही है।

कौशांबी में अब तक नहीं हुई बारिश

आंकड़ों के अनुसार, कौशांबी ऐसा जिला है जहां अब तक बारिश नहीं हुई है। जिले में 100 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। यदि जल्द बारिश नहीं होती है, तो यहां कृषि और पेयजल दोनों पर असर पड़ सकता है।

किसी भी जिले में अधिक या बहुत अधिक बारिश नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले में अभी तक 20 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त बारिश (Excess) या 60 प्रतिशत से ज्यादा अतिरिक्त बारिश (Large Excess) दर्ज नहीं की गई है। यानी इस समय प्रदेश का बड़ा हिस्सा सामान्य से कम बारिश की समस्या से जूझ रहा है।

किसानों और लोगों के लिए क्या मायने?

कम बारिश का सबसे ज्यादा असर धान, मक्का, दाल और अन्य खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। जिन जिलों में वर्षा की कमी ज्यादा है, वहां किसानों को सिंचाई पर अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है। साथ ही जलाशयों, तालाबों और भूजल स्तर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जिन जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई है, वहां लोगों को मौसम विभाग की ताजा अपडेट और प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है। यदि अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय होता है, तो इन जिलों को राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश चिंता का विषय बनी हुई है।

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