उत्तर प्रदेश के लोगों को बारिश से अभी राहत नहीं मिलने वाली है। प्रदेश में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। आने वाले कुछ दिन उत्तर प्रदेश के लोगों को काफी परेशानी हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने 6 अक्टूबर को जारी पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में आने वाले कुछ दिनों तक तेज बारिश की संभावना है। राज्य में अगले कुछ दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना भी जताई गई है।
पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 6 से 9 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना है। आइए जानते हैं कैसा होगा यूपी का मौसम
गरज-चमक से साथ होगी बारिश
6 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। कई जगहों पर तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ और बलिया में भारी बारिश का अलर्ट है। बांदा, प्रयागराज, वाराणसी समेत कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात का अलर्ट है। वहीं गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली समेत कई इलाकों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
अगले 48 घंटे होगी तेज बारिश
7 और 8 अक्टूबर तक भी उत्तर प्रदेश में मौसम बदलता रहेगा। पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर और बरेली समेत कई इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है। वहीं 9 अक्टूबर से मौसम में धीरे-धीरे सुधार शुरू हो सकता है। इस दिन कहीं-कहीं हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि 10 अक्टूबर को पश्चिमी यूपी में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है और पूर्वी हिस्से में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारी बारिश से निचले इलाकों और अंडरपास में पानी भर सकता है, जबकि नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। कच्चे मकानों को भी नुकसान हो सकता है और सड़कों पर फिसलन के साथ कम दृश्यता से यातायात प्रभावित हो सकता है। विभाग ने लोगों से बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने, बारिश के दौरान पक्की जगह पर रहने और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है। बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए खुले स्थानों से बचने और बिजली के उपकरणों को बंद रखने की सलाह दी गई है। खराब मौसम में जरूरी न हो तो यात्रा टालना बेहतर होगा।
किसानों को हो सकता है नुकसान
बारिश और तेज हवाओं से गन्ना, धान, मक्का और सब्जियों समेत कई फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, तैयार फसलों की समय पर कटाई करने और जरूरत पड़ने पर पौधों को सहारा देने की सलाह दी गई है। 6 से 8 अक्टूबर तक खराब मौसम को देखते हुए किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।