UP Weather Update: यूपी में मौसम का डबल अटैक! 19 जिलों में ओलावृष्टि का खतरा, 60 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; किसानों को IMD का अलर्ट
UP Weather Update: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज यानी 15 अक्टूबर को ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाले हवा के झोंकों को लेकर मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क किया है। इसके बाद 17 से 19 अक्टूबर तक यूपी के तमाम हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है
UP Weather Update: 15 और 16 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी वेदर फोरकास्ट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, तेज झोंकेदार हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका जताई है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम के इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की फसलों पर भी पड़ सकता है।
IMD के मुताबिक, 15 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की आशंका है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। हालांकि, पश्चिमी यूपी के कई जिलों में मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
19 जिलों में ओलावृष्टि का खतरा
IMD के प्रभाव आधारित मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 15 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 19 जिलों और उनके आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना अधिक है। इन जिलों में शामिल हैं:-
- सहारनपुर
- शामली
- मुजफ्फरनगर
- बागपत
- मेरठ
- गाजियाबाद
- हापुड़
- गौतम बुद्ध नगर (नोएडा)
- बुलंदशहर
- अलीगढ़
- मथुरा
- हाथरस
- आगरा
- फिरोजाबाद
- बिजनौर
- अमरोहा
- मुरादाबाद
- संभल
फसलों को नुकसान पहुंच सकता है ओलावृष्टि
मौसम विभाग की चेतावनी में आसपास के क्षेत्रों का भी उल्लेख किया गया है। ओलावृष्टि होने पर खेतों में खड़ी फसलों, फल-सब्जियों और बागवानी को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, तेज हवाओं के साथ ओले गिरने से कमजोर संरचनाओं, पेड़ों और वाहनों को भी नुकसान होने की आशंका रहती है।
60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
15 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। कुछ झोंकों के दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इन जिलों में चेतावनी
इस चेतावनी के दायरे में सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल और बदायूं समेत आसपास के इलाके शामिल हैं।
मौसम विभाग ने कहा कि तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर दीवारों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
16 अक्टूबर को भी इन जिलों में आंधी-तूफान का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान कुछ इलाकों में बिजली चमकने और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
16 अक्टूबर के लिए हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के दौरान अधिकतम 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया और जालौन समेत आसपास के इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है।
हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 16 अक्टूबर को कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहां कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान जरूर है।
17 से 19 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम?
IMD के लखनऊ केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 17, 18 और 19 अक्टूबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश, दोनों संभागों में मौसम शुष्क रहने की बहुत संभावना है। इन तीनों दिनों के लिए मौसम संबंधी कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
किसानों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
ओलावृष्टि और तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में गन्ना, अरहर, खरीफ मक्का, धान, मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग, तोरिया और सब्जियों के साथ आम, केला और पपीता जैसी फसलों के लिए संभावित नुकसान और बचाव के उपाय बताए हैं।
गन्ना: तेज हवाओं से फसल गिर सकती है। पत्तियां टूट सकती हैं और तने क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। किसानों को गिरे हुए गन्ने को बांधकर सीधा करने और जरूरत के मुताबिक सहारा देने की सलाह दी गई है।
धान: तेज हवा और ओलावृष्टि से पक चुकी फसल गिर सकती है। खेतों में जलभराव होने पर पानी निकालने और मौसम अनुकूल होने पर परिपक्व फसल की कटाई करने की सलाह दी गई है।
खरीफ मक्का: तेज हवाओं से पौधे गिरने और भुट्टों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। मौसम अनुकूल होने पर परिपक्व भुट्टों की जल्द कटाई करने और उन्हें हवादार जगह पर सुखाने की सलाह दी गई है।
अरहर: ओले गिरने से फूल और फलियां प्रभावित हो सकती हैं। क्षतिग्रस्त हिस्सों पर नजर रखने और फसल की स्थिति के अनुसार कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेने की जरूरत है।
सब्जियां: फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, बैंगन, हरी मिर्च, गाजर और मूली जैसी फसलों को तेज हवाओं, ओलावृष्टि और जलभराव से नुकसान हो सकता है। खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और नर्सरी को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
केला और पपीता: तेज हवाओं से पौधे गिरने, तने टूटने और फल झड़ने का खतरा रहता है। फल लगे पौधों को मजबूत सहारा देने की सलाह दी गई है।खराब मौसम में क्या करें?
मौसम विभाग ने ओलावृष्टि, बिजली गिरने और तेज हवाओं के संभावित प्रभावों को देखते हुए कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
1. गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित पक्के भवन के अंदर चले जाएं।
2. खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें तथा संभव हो तो खराब मौसम के दौरान यात्रा टाल दें।
3. पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे आश्रय न लें।
4. बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, जलस्रोतों और धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
5. बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरत पड़ने पर उनका प्लग निकाल दें।
6. किसान खेतों में काम करते समय मौसम की चेतावनी का ध्यान रखें और फसल को नुकसान से बचाने के लिए स्थानीय कृषि सलाह का पालन करें।