US-India Trade Deal: संवेदनशील सेक्टर्स पर भारत का रुख सख्त होगा, 17 मई से शुरू होने जा रही है बातचीत

India -US Trade Deal: अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका जा रहे हैं। भारत इंडस्ट्रियल गुड्स पर जीरो टैरिफ के लिए तैयार हो गया है लेकिन फार्म और डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर को लेकर उसका रुख सख्त रहेगा। भारत अपने हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा

अपडेटेड May 16, 2025 पर 11:52 AM
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इंडिया इंडस्ट्रियल गुड्स पर जीरो-टू-जीरो टैरिफ का ऑफर दे चुका है।

भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर बातचीत 17 मई से शुरू होने जा रही है। इस बीच, स्थितियां काफी बदल गई हैं। सूत्रों का कहना है कि बातचीत में इंडिया का फोकस देश के हित पर होगा। एग्रीकल्चर और डेयरी से जुड़े कुछ संवेदनशील आइटम्स पर सरकार का रुख सख्त होगा। हालांकि, अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 मई को कहा कि भारत सभी अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ घटाने को तैयार हो गया है।

इंडिया इंडस्ट्रियल गुड्स पर जीरो टैरिफ के लिए तैयार

इंडिया इंडस्ट्रियल गुड्स पर जीरो-टू-जीरो टैरिफ का ऑफर दे चुका है। दूसरे प्रोडक्ट्स को लेकर दोनों देशों में बातचीत चल रही है। भारत खासकर फार्म (Farm) और डेयरी (Dairy) सेक्टर के संवेदनशील प्रोडक्ट्स को लेकर रुख सख्त रखना चाहता है। सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, "जब कभी व्यापार को लेकर कोई डील होती है तो आप अपने सेंसिटिव सेक्टर को प्रोटेक्ट करना चाहते हैं। दूसरा पक्ष अपने संवेदनशील सेक्टर को प्रोटेक्ट करने की कोशिश करता है। इस बारे में मोलभाव होता है। ऐसे में हमें संतुलन बनाना पड़ता है। लेकिन हम अपने सेंसिटिव सेक्टर्स को प्रोटेक्ट करना चाहेंगे।"


यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का बयान सच्चाई से कोसों दूर

ट्रंप ने 15 मई को कहा का इंडियन गवर्नमेंट ने हमें ऐसी डील ऑफर की है, जिसमें असल में वे हम पर कोई टैरिफ नहीं लगाना चाहते। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर बयान के लिए ट्रंप की आलोचना हो रही है। 10 मई को भारत की तरफ से सीजफायर के आधिकारिक ऐलान से पहले ही ट्रंप ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्होंने दोनों देशों को व्यापार के नाम पर सीजफायर के लिए राजी किया था। भारत ने इस दावे को खारिज किया है।

भारत स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ को लेकर WTO पहुंचा 

भारत 13 मई को WTO में अमेरिका के स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ लगाने के मामले को ले गया। भारत ने कहा कि वह भी जवाब में टैरिफ लगाएगा। यह इंडिया के पहले के रुख से अलग है, जिसमें भारत ने जवाबी टैरिफ लगाने की जगह व्यापार समझौते से मामले को हल करने की इच्छा जताई थी। गौरतलब है कि अमेरिका ने स्टील और एल्युमीनियम पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।

भारत टैरिफ को लेकर डील में काफी सावधानी बरत रहा

इस मसले से जुड़े सूत्र ने बताया, "एक महीने पहले, कुछ पक्षों ने इस मामले को WTO में ले जाने के विकल्प के बारे में बताया था। उनका मानना था कि भारत को जवाबी कदम उठाना चाहिए। लेकिन, तब सरकार की ऐसी मंशा नहीं थी जिससे इस बारे में प्रगति नहीं हुई। लेकिन, अब भारत जवाबी टैरिफ लगाने को तैयार है।" भारत के प्रतिनिधि अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में इस बारे में चर्चा करेंगे। इस बारे में WTO में जाने का रास्ता व्यवहारिक लगता है। भारत इस मामले में फूंक-फूंक कर चल रहा है, जबकि ट्रंप संकेत दे चुके हैं कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) को लेकर डील करीब-करीब हो गई है।

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अभी कई चीजों पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत बाकी

लेकिन, भारत इस मामले में सावधानी बरतना चाहता है। सरकार के सीनियर अधिकारी ने कहा, "हमें नहीं लगता कि आप अचानक डील फाइनल कर सकते हैं। बातचीत के बाद हम किसी नतीजे पर पहुंचेंगे। उसके बाद अंतिम फैसला होगा।" उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष जुलाई में रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होने से पहले डील के लिए कोशिश कर रहे हैं। कई चीजों पर बातचीत हुई है और कई के बारे में बातचीत होनी है।

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