होर्मुज में अब भी फंसे हैं भारत के 15 टैंकर, अब तक इतने जहाजों पार किया रास्ता...देखें पूरी लिस्ट

भारत समेत पूरी दुनिया में क्रूड ऑयल और एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। वहीं ईरान जंग के बीच भारत को एक और बड़ी खुशखबरी मिली है। जिस होर्मुज में पूरी दुनिया के जहाज फंसे हैं, वहां से भारत आसानी से अपने जहाज बारी-बारी से निकाल रहा है। अब तक कम से कम आठ भारतीय जहाज रणनीतिक होर्मुज को पार कर चुके हैं

अपडेटेड Apr 04, 2026 पर 3:23 PM
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अब तक कम से कम आठ भारतीय जहाज रणनीतिक होर्मुज को पार कर चुके हैं।

ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले का आज एक महीने का वक्त पूरा हो चुका है। वहीं बीते एक महीने से जारी इस जंग का असर अब पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। भारत समेत पूरी दुनिया में क्रूड ऑयल और एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। वहीं ईरान जंग के बीच भारत को एक और बड़ी खुशखबरी मिली है। जिस होर्मुज में पूरी दुनिया के जहाज फंसे हैं, वहां से भारत आसानी से अपने जहाज बारी-बारी से निकाल रहा है। अब तक कम से कम आठ भारतीय जहाज रणनीतिक होर्मुज को पार कर चुके हैं।

बता दें कि, होर्मुज दुनिया का एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार होता है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने इस रास्ते को काफी हद तक बंद कर दिया था। हालांकि, ईरान का कहना है कि यह समुद्री रास्ता उसके “मित्र देशों” के लिए खुला रहेगा। इन देशों में भारत, रूस, चीन और पाकिस्तान शामिल हैं।

दो और जहाजों ने पार किया होर्मुज


आज इससे पहले, एलपीजी टैंकर ग्रीन सानवी ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया और अब भारत की ओर बढ़ रहा है। यह इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने वाला आठवां जहाज़ बन गया है। इसके अलावा, दो और जहाज़ ग्रीन आशा और जग विक्रम भी आने वाले दिनों में भारत पहुंचने की उम्मीद है। पिछले हफ्ते ही ईरान ने कहा था कि अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के अलावा मित्र देशों के जहाज ईरानी अधिकारियों के साथ कोऑर्डिनेशन में होर्मुज को पार कर सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट उन देशों के लिए चालू है, जो तेहरान के साथ जुड़े हुए हैं और जिन्हें दोस्त माना जाता है।

होर्मुज से भारत के कितने जहाज गुज़रे?

भारत उन देशों में शामिल है, जिनके सबसे ज़्यादा जहाज़ युद्ध से प्रभावित होर्मुज से सुरक्षित होकर गुज़रे हैं। इससे भारत की ऊर्जा सप्लाई बनी हुई है और आम लोगों को जरूरी ईंधन की कमी नहीं हो रही है। अब तक इस रास्ते से गुजरने वाले भारतीय जहाज

  • शिवालिक
  • नंदा देवी
  • जग लाड़की
  • पाइन गैस
  • जग वसंत
  • बीडब्ल्यू टायर
  • बीडब्ल्यू एल्म
  • ग्रीन सानवी

भारत के 15 जहाज अभी भी फंसे

इन जहाज़ों के सुरक्षित गुजरने से यह साफ है कि भारत ने मुश्किल हालात में भी अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखा है। खाड़ी क्षेत्र में इस समय 15 से ज्यादा भारतीय झंडे वाले जहाज़ मौजूद हैं, जिन पर करीब 485 भारतीय नाविक सवार हैं। यह स्थिति ऐसे समय में बनी हुई है, जब युद्ध जारी है और इसके खत्म होने के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारतीय नौसेना कई वर्षों से ओमान की खाड़ी और अरब सागर में तैनात है, ताकि भारतीय और दूसरे देशों के जहाज़ों के लिए समुद्री रास्ते सुरक्षित बनाए रखे जा सकें।

रास्ते पर रिवोल्यूशनरी गार्ड का सख्त पहरा

वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि यह जलमार्ग उसके “पूरी तरह और सख्त नियंत्रण” में है। साथ ही उसने डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया, जिसमें इस अहम समुद्री रास्ते को दोबारा खोलने की बात कही गई थी। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान की संसद ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के लिए एक नई व्यवस्था को मंजूरी दी है। इसके तहत जहाज़ों से टोल वसूला जा सकता है और कुछ देशों पर पाबंदियां भी लगाई जा सकती हैं। इस नई योजना के तहत अमेरिका और इज़रायल के जहाज़ों को इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करने से रोका जाएगा। इसके अलावा, उन देशों पर भी पाबंदियां बढ़ाई जाएंगी, जिन्होंने ईरान पर एकतरफा प्रतिबंध लगाए हैं।

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